सिकन्दर उर्फ जीवाणु को आजीवन कारावास की सजा, जानिए इसकी दरिंदगी

अदालत ने अभियुक्त पर दो लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाते हुए कहा है कि अभियुक्त को शेष जीवन जेल में रखा जाए.

सिकन्दर उर्फ जीवाणु को आजीवन कारावास की सजा, जानिए इसकी दरिंदगी
फाइल फोटो

जयपुर: पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-3 ने सात साल की बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त सिकन्दर (Sikandar) उर्फ जीवाणु को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने अभियुक्त पर दो लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाते हुए कहा है कि अभियुक्त को शेष जीवन जेल में रखा जाए.

अभियुक्त की पेशी के शॉट चलाए
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक महावीर किशनावत ने कहा कि अभियुक्त यौन अपराधों का आदतन है. वर्ष 2004 में एक बच्चे के साथ कुकर्म कर हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है. वहीं, प्रकरण में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म से आठ दिन पहले ही उसने चार साल की एक अन्य बच्ची के साथ भी दुष्कर्म किया था. ऐसे में उसे फांसी की सजा दी जाए.

गौरतलब है कि गत वर्ष एक जुलाई को अभियुक्त शास्त्रीनगर थाना इलाके में रहने वाली सात साल की पीडिता को डरा-धमकाकर मोटर साइकिल पर बैठाकर अमानीशाह नाले में ले गया था. जहां अभियुक्त ने पीडिता के साथ दुष्कर्म किया और उसे वापस घर के पास छोडकर फरार हो गया. घटना के बाद पुलिस ने अभियुक्त को सात जुलाई को कोटा से गिरफ्तार किया था.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामला विरलतम से विरल नहीं होने के कारण उसे फांसी की सजा नहीं दी जा रही है, लेकिन ऐसे अपराधियों को समाज से दूर करना जरूरी है. ऐसे में अभियुक्त को मृत्यु तक जेल में ही रखा जाए.

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