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राजस्थान विधानसभा सत्र पर स्पीकर ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सवालों को लेकर दी हिदायत

अध्यक्ष ने कहा कि सभी नियमों के तहत सदन में व्यवहार करेंगे तभी विधायी कार्य सुचारू तरीके से हो सकेगा. 

राजस्थान विधानसभा सत्र पर स्पीकर ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सवालों को लेकर दी हिदायत
बैठक में सत्र के दौरान कम से कम विजिटर पास बनवाने का मुद्दा भी आया.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र को सुचारू चलाने के लिए विधानसभाध्यक्ष सीपी जोशी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में मुख्यमन्त्री अशोक गहलतो के साथ ही सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. इस दौरान विधानसभा के आगामी सत्र की व्यवस्थाओं के साथ ही नियम कायदों पर भी चर्चा हुई. अध्यक्ष ने कहा कि सभी नियमों के तहत सदन में व्यवहार करेंगे तो विधायी कार्य सुचारू तरीके से हो सकेगा. स्पीकर ने मन्त्रियों के लिए भी हिदायत देते हुए कहा कि इस बार सभी मन्त्री दो बजे तक सदन में मौजूद रहेंगे तो सरकार की जवाबदेही का मैसेज भी जाएगा.  

विधानसभा का बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्पीकर सीपी जोशी ने अपने चैम्बर में बुधवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि नियमों के तहत चर्चा हो तो ज्यादा बेहतर रहेगा. इस बैठक में मुख्यमन्त्री अशोक गहलोत की मौजूदगी से बैठक की अहमियत और गम्भीरता का अन्दाज़ा लगाया जा सकता है. सरकार की भी यही मैसेज देने की कोशिश है कि सत्ता पक्ष सदन चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन दायरों का भी ध्यान रखा जाएगा.

स्पीकर ने मन्त्रियों को भी 2 बजे तक सदन में रहने की जरूरत पर फोकस किया. स्पीकर ने नियम 37-(2) का हवाला देते हुए कहा कि एक ही सवाल में कई विभागों के मुद्दों को शामिल नहीं करें. उन्होंने साफ कहा कि अगर नियमों से परे जाकर सवाल किये तो वे इसे शामिल नहीं करेंगे. संसदीय कार्य मन्त्री ने कहा कि इस बार बजट के बाद विभागों के कट-मोशन में भी मन्त्री का जवाब छह बजे दिलाने की कोशिश की जाएगी, जिससे समय से पूरा काम सम्पन्न हो जाए. 

बैठक में सत्र के दौरान कम से कम विजिटर पास बनवाने का मुद्दा भी आया. स्पीकर ने कहा कि इससे सभी सदस्य सदन को अपना समय दे सकेंगे. सचेतक महेश जोशी ने बताया कि स्पीकर की व्यवस्थाएं सिर्फ कामकाज को व्यवस्थित रखने के लिए हैं. वहीं उपमुख्य सचेतक ने बताया कि इस बार आगन्तुकों में विधायकों के लिए पहले दो पास और फिर पांच पास की सीमा तय की गई है. स्पीकर ने गैरज़रूरी लोगों के कॉरिडोर में घूमने पर भी पाबन्दी लगाने की मंशा जताते हुए कहा कि कई बार हां-पक्ष या ना-पक्ष लॉबी में विधायकों के लिए ही जगह नहीं होती है. 

उधर विपक्ष भी इन व्यवस्थाओं से सहमत दिखा. प्रतिपक्ष के उप-नेता राजेन्द्र राठौड़ ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा कि अगर ऐसी व्यवस्थाएं सदन को सुचारू चलाने के लिए हैं तो विपक्ष भी उसका स्वागत करेगा. अलबत्ता माकपा के बलवान पूनिया ने जरूर कुछ मुद्दों को गैर-जरूरी पाबन्दी की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि सदन में किसानों, बेरोजगारों और दूसरे तबकों के मुद्दे उठाना विधायक का अधिकार है और उन्हें इस हक से वंचित नहीं किया जा सकता.  
बलवान पूनिया, विधायक, माकपा 

स्पीकर ने विधानसभा सत्र से पहले ही सभी दलों को बुलाकर अपनी मंशा से अवगत करा दिया है. इस बैठक में ऐसा भी दिखा कि पूर्व केन्द्रीय मन्त्री और अब स्पीकर की भूमिका में आए डॉक्टर सीपी जोशी लोकसभा की तर्ज पर विधानसभा चलाना चाहते हैं, लेकिन क्या स्पीकर अब लोकसभा की तरह ही विधानसभा की कार्यवाही के भी सीधे प्रसारण को लेकर पहल करेंगे?