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राजस्थान: गहलोत सरकार का दावा- हम जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे

सीएम ने कहा  कि मैं समझता हूं कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी सबको होनी चाहिए पर जनता के हित की बात करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए

राजस्थान: गहलोत सरकार का दावा- हम जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देंगे
वहीं सदन में हंगामें को लेकर मुख्यमंत्री का कहना था कि हंगामे तो इश्यु बेस होते है

जयपुर/सुशान्त पारीक: प्रदेश में विधनसभा के नए सत्र में कांग्रेस सरकार बेहद चुस्त नजर आई. नए सत्र से शुरू होने पर जी न्यूज के संवाददाता सुशान्त पारीक ने राजस्थान के ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बातचीत की. विधानसभा के पहले सत्र में नई रणनीति के लेकर पूछे गए सवाल पर अशोक गहलोत ने कहा कि विधानसभा का यह सत्र और आने वाले सत्र में हमारी सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देगा. प्रदेश में जनता की भलाई के काम होंगे, विकास के काम होंगे, जनता ने जो भरोसा जताया है उस पर पूरी तरह से खरा उतरने की कोशिश करेंगे. 

वहीं सदन में हंगामें को लेकर मुख्यमंत्री का कहना था कि हंगामे तो इश्यु बेस होते है. अगर कोई इश्यु बनता है वास्तव में तो उस पर आवाज उठाने की आजादी सभी को है. परन्तु, कई बार अनावश्य रूप से राजनीति करने के लिए उठाते है तो उसमे ऐतराज होता है ये ही लोकसभा और विधानसभा में होता है. मैं समझता हूं कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी सबको होनी चाहिए पर जनता के हित की बात करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए.

जबकि जन घोषणा पत्र के वादों को लेकर को लेकर विपक्ष के दबाव बनाने पर अशोक गहलोत का कहना था अच्छी बात है उनका यह कर्तव्य भी है, दबाव बनाना भी चाहिए नहीं बनाएंगे तो वो लापरवाही करेंगे. ये परम्परा मैंने ही डाली देश के अंदर पहली बार जब 1998 में मैं मुख्यमंत्री बना तब पहली केबिनेट में हमने इसी प्रकार का फैसला किया था. 2008-09 में बना दूसरी बार मुख्यमंत्री तब भी हमने मेनिफेस्टो को सरकार की कार्ययोजना का अंग बनाने का फैसला किया था. मुझे ख़ुशी है कि जनता से वादे करके हम जब आते है हम में ही नहीं बल्कि हर राजनीतिक पार्टी के दिमाग में यह भावना रहनी चाहिए. जो भावना हम प्रकट करते है मेनिफेस्टो में, जनता से वादे करते है जब चुनाव जीत जाए तो उसको आधार बनाने का वादे पूरे करने का प्रयास करना चाहिए.

साथ ही संख्या के आधार पर इस बार विपक्ष मजबूत दिखाई दे रहा है इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार 78 थे इस बार 73 है, तब भी हमें सरकार चलाने में कोई कठिनाई नहीं आई थी, जनहित के लिए हमने जमकर फैसले किये. विकास का एक रिकॉर्ड बनाया चाहे रिफाइनरी हो, चाहे मेट्रो हो, बड़े-बड़े फैसले किये ब्रॉडगेज के भी, कोच फैक्ट्री के भी. वो अलग बात है कि हम चुनाव जीत नहीं पाये. उसको हम जोड़ नहीं सकते परन्तु फैसले करने में, गवर्नेंस देने में, जनकल्याकारी योजनाएं लाने में चाहे वो दवाई फ्री की योजना हो, फ्री टेस्ट हो, पेंशन की योजना हो जो भी योजनाएं उस वक्त में बनी उसे एक इतिहास बना दिया. इस बार जो हम सत्ता में जीत के आये है उसमे कई कारणों में एक कारण यह भी है कि पिछली गवर्मेंट की परफॉर्मेंस को, उसके फैसले को  पूरे प्रदेश में जन-जन याद कर रहा था. यही कारण है कि इस बार हमारी सरकार बनी है.