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जयपुर: पानी की काला बाजारी की खुली पोल, 122 टैंकर के फर्जी बिल आए सामने

एक टैंकर की कीमत करीब 200 रूपए होती है. इस हिसाब से तीन महीने तक 122 टैंकर प्रतिदिन बिलों का भुगतान हुआ. यानि तीन महीन में 21 लाख 96 हजार का घोटाला हुआ.

जयपुर: पानी की काला बाजारी की खुली पोल, 122 टैंकर के फर्जी बिल आए सामने
तीन महीने तक 122 टैंकर प्रतिदिन फर्जी बिलों का भुगतान हुआ.

जयपुर/ आशीष चौहान: जयपुर में पानी की चोरी का खेल आज से नहीं चल रहा, बल्कि सालों से पानी के दलाल सक्रिय है. सालों से पानी चोरी पर लगाम लगाने की कोशिश भी की जा रही है लेकिन इसके बावजूद भी पानी के दलाल का खेल खुलेआम जारी है. जी मीडिया ने भी स्टिंग आपरेशन के जरिए जयपुर के कोने कोन में पानी की कालाबाजारी का खुलासा कर जलदाय विभाग की पोल खोली थी. इसी कड़ी में जी मीडिया पानी चोरी को लेकर एक और बड़ा खुलासा कर रहा है. जिसमें पानी के दलालों ने अपनी पैसों की प्यास बुझाने में कोई कमी नहीं छोडी. 

वैसे तो पानी की चोरी कोई नई बात नहीं है, लेकिन चौमूं नगर पालिका में पानी की चोरी नहीं, बल्कि लूट मची थी. चौमू नगर पालिका में एक दिन में कुछ वार्डों में 122 टैंकर सप्लाई करने की एवज में फर्जी बिल बनवा दिए गए. एक नहीं, दो नहीं बल्कि लगातार तीन महीने तक इसी तरीके से फर्जीवाड़े का बडा खेल चलता रहा. टैंकरों में लगे जीपीएस सिस्टम से निपटने के लिए टैकर्स और ठेकेदारों ने जीपीएस सिस्टम को उखाड़कर बाइक और जीप पर लगाकर घूमे, ताकि विभाग को ये भनक नहीं लग सके कि पानी की चोरी हो रही है. 30 अप्रैल 2016 से लेकर 21 जून 2016 तक ये टैंकर ऐसे ही दौड़ते रहे, फर्जी बिल पास होते गए. लेकिन जब जांच हुई तो पूरी पोल खुली. क्योंकि एक दिन में एक नगर पालिका में 122 टैंकर से पानी सप्लाई करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुनिकन है. नगरपालिका में पानी पिलाने का काम डीएलबी विभाग का होता है.

एक टैंकर की कीमत करीब 200 रूपए होती है. इस हिसाब से तीन महीने तक 122 टैंकर प्रतिदिन बिलों का भुगतान हुआ. यानि तीन महीन में 21 लाख 96 हजार का घोटाला हुआ. टैंकर पास करने का काम एईएन और जेईनएन का होता है, उस वक्त तत्कालीन एईएन धर्मवीर सिंह, जेईएन अशीष चाहर ने धड़ल्ले से फर्जी बिलों पर साइन कर पास कर दिए. अब सवाल ये उठता है कि दोषी धर्मवीर सिंह और आशीष चाहर पर कार्रवाई कब होगी क्योंकि जिम्मेदारों को तो अभी तक इसकी जानकारी ही नही है. चौमूं के नगर पालिका के अधीशाषी अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि मुझे इस बात कही जानकारी नहीं है. मै अभी नया आया हूं. 

हाल ही में शाहपुरा में 24 लाख के पानी का टैंकर घोटाला सामने आया था. जिसमें ठेकेदार रामस्वरूप शर्मा को तीन दिन में पूरी राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे. तीन साल पहले रामस्वरूप ने दो महीने तक सरकार टैंकर चलाने का ठेका लिया था, जिसमें उसने 24 लाख का फर्जी बिल बनवाकर जयपुर जिला कलेक्ट्रेट से पास करवा लिए. ठेकेदार ने जीप और बाइक के नंबर लगाकर फर्जी तरीके से बिल पास करवाए थे. वहीं हाल ही में जी मीडिया ने भी पानी की चोरी का बडा खुलासा किया था, जिसके बाद में जलदाय विभाग ने पानी की चोरी पर लगाम लगाने का दावा किया है. मुख्य अभियंता आईडी खान का कहना है कि अब ओटीपी सिस्टम में बदलाव कर पानी की चोरी रोकने का काम कर रहे है.