'इंडियन हेरिटेज होटल्स एंड इंपैक्ट ऑफ कोविड-19' पर हुआ वेबिनार, जल्द आएगी गाइडलाइन

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय इसी महीने के मध्य तक टूरिज्म सेक्टर के लिए गाइडलाइन जारी करेगा.

'इंडियन हेरिटेज होटल्स एंड इंपैक्ट ऑफ कोविड-19' पर हुआ वेबिनार, जल्द आएगी गाइडलाइन
वेबिनार का विषय था 'इंडियन हेरिटेज होटल्स एंड इंपैक्ट ऑफ कोविड-19'

दामोदर प्रसाद, जयपुर: केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय इसी महीने के मध्य तक टूरिज्म सेक्टर के लिए गाइडलाइन जारी करेगा. यात्रियों, स्मारकों, गाइड्स, होटल्स एवं रेस्टोरेंट्स, टूर ऑपरेटर और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करेगा. आधिकारिक दस्तावेज इस महीने के मध्य तक तैयार हो जायेंगे और मंत्रालय द्वारा निरीक्षण किया जाएगा.  

यह स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देश और टूरिज्म इंडस्ट्री से आने वाले विभिन्न विचारों के अनुरूप होगा. केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक, डॉ. रूपिंदर बरार ने जानकारी दी. बुधवार को इंडियन हेरिटेज होटल्स एसोसिएशंस (आईएचएचए) द्वारा आयोजित वेबिनार में बोल रही थीं. वेबिनार का विषय था 'इंडियन हेरिटेज होटल्स एंड इंपैक्ट ऑफ कोविड-19' सत्र का संचालन प्रबंध निदेशक, सीता, टीसीआई, डिस्टेंट फ्रंटियर्स और गो वेकेशन्स, श्री दीपक देवा द्वारा किया गया.

प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला और संस्कृति, श्रेया गुहा ने कहा कि पर्यटन विभाग, रिवाइवल पैकेज तैयार करने पर हेरिटेज होटल एसोसिशियेशन के साथ मिलकर काम कर रही है. आर्थिक रिवाइवल के लिए सरकार द्वारा एक विशेष कार्यबल का गठन किया गया है. विभिन्न सिफारिशों को तैयार करने के लिए होटल और पर्यटन क्षेत्र के साथ चर्चा की गई है, जिनमें से कुछ राज्य के वित्त विभाग को भेजे गए हैं. 

इसके अलावा वेतन सहायता, बिजली शुल्क माफ करना, राज्य कर प्रतिपूर्ति, बार शुल्क में कमी, सहित अन्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है. स्मारकों के लिए पहले से ही दिशा निर्देश बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि निर्धारित समय, अनिवार्य रूप से ऑनलाइन बुकिंग्स और हाइजिन प्रोटोकॉल के पालन के साथ-साथ गैलेरीज और संग्रहालयों में सीमित प्रवेश पर भी जोर दिया जाएगा.

आईएचएचए के अध्यक्ष, मारवाड़,जोधपुर के महाराजा गजसिंह ने कहा कि विदेशी पर्यटन के आसार ठप है. इसलिए घरेलू पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करने और प्रत्येक राज्य की विशिष्टताओं और विशेषताओं पर जोर देने के साथ राज्यवार विपणन पर ध्यान देने की आवश्यकता है. होटल में अधिकतम हाइजिन और सेनिटेशन स्टैंडर्ड्स बनाए रखते हुए एक स्वच्छ छवि का निर्माण करना चाहिए. विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के ऐसे परिवारों के लिए यात्रा कार्यक्रम बनाए जाने चाहिए जो ग्रामीण जीवन का अनुभव करना चाहते हैं. सहायक उद्योगों को विकसित करने की आवश्यकता है ताकि फूड डिलीवरी, हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्शन सहित अन्य सेवाओं में मौजूदा होटल कर्मचारियों को प्रस्तुत किया जा सके.

 

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