close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: जाति वाले बयान पर पलटीं मंत्री ममता भूपेश, कहा- मैं महिलाओं की बात कर रही थी

ममता भूपेश ने अपनी सफाई में कहा कि "मैं महिला बाल विकास की मंत्री हूं, अलवर में मैने महिला जाति की बात कही थी. मैं महिला हूं, महिला ही मेरी जाति है.

राजस्थान: जाति वाले बयान पर पलटीं मंत्री ममता भूपेश, कहा- मैं महिलाओं की बात कर रही थी
मंगलवार को एक सम्मान समारोह के दौरान ममता भूपेश ने जाति पर दिया था विवादित बयान

जयपुर/ आशीष चौहान: राजस्थान की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री ममता भूपेश जाति के विवादित बयान से पलट गईं. जाति के विवादित बयान के बाद ममता भूपेश ने सफाई देते हुए ये साफ कर दिया कि वे महिला बाल विकास मंत्री हैं और महिलाओं के लिए ही बात कर रही थी इसलिए वे महिला जाति की बात कर रही थीं. हाल ही में नई सरकार के आते ही ममता भूपेश ने अलवर में दिए विवादित बयान के बाद बवाल मच गया था. उन्होनें अपने बयान में प्रदेश को नहीं, बल्कि खुद के समाज को महत्ता दी थी. उन्होंने कहा था कि पहला काम हमारी जाति के लिए होगा.

ममता भूपेश ने अपनी सफाई में कहा कि "मैं महिला बाल विकास की मंत्री हूं, अलवर में मैने महिला जाति की बात कही थी. मैं महिला हूं, महिला ही मेरी जाति है. विवादित बयान के बाद उन्होने सफाई देते हुए अपने बयान से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मैने सिर्फ महिला जाति की बात कही थी." उन्होंने कुछ दिन पहले अलवर में सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि प्रथम कार्य हमारा हमारी जाति के लिए, उसके बाद हमारे समाज के लिए, उसके बाद सर्व समाज के लिए, सबके लिए. उन्होंने कहा था कि हमारी मंशा ये रहेगी कि हम सबके लिए काम कर पाएं. जहां भी आपको मेरी जरूरत होगी, मैं पीठ नहीं दिखाऊंगी. 

वहीं इस दौरान भूपेश ने सरकारी सिस्टम के सुस्त रवैये की लापरवाही की ठीकरा वसुंधरा सरकार पर फोड़ दिया. उन्होंने कहा, विभाग में योजनाओं के लिए ना तो समय से प्रचार प्रसार किया गया और ना ही बजट समय से खर्च किया गया. इस दौरान भूपेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिस्टम दुरूस्त होना चाहिए. तब ही सरकार की योजनाएं महिलाओं तक पहुंच सकेगी. 

बैठक में जब ममता भूपेश ने विभाग की योजनाओं की जानकारी ली तो अधिकारियों के कार्यों की पोल खुलती हुई दिखाई दी. पिछली सरकार में विभाग के पास बजट होने पर भी योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं किया गया, चाहे चिराली योजना की बात हो या फिर स्किल राजस्थान की. अधिकतर योजनाओं में विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की पोल खुलती हुई दिखाई दी. मंत्री मतता भूपेश ने साफ कर दिया कि जल्द से जल्द अधिकारियों को अपनी कमर कसनी होगी, नहीं तो अंदाज भुगतने के लिए तैयार रहें. 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार पंचायत स्तर तक होना चाहिए. हर पंचायत दफ्तर पर योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए. इस दौरान भूपेश का कहना था कि "जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सत्ता में आई है उन्ही मुद्दों पर हमारी सरकार काम करेगी. सरकार स्किल डवलवमेंट, महिला सुरक्षा को लेकर काम करेगी. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा और स्किल डवलवमेंट का जिक्र किया था. जिसके बाद में अब मंत्री ममता भूपेश एक्शन में नजर आ रही हैं. चुनाव के बाद अब अधिकारियों की नींद खुलने लगी है और अब फिर से अधिकारी को लेकर सक्रिय हो रहे है."

इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के सभी अभिभावकों से भी निवेदन किया है कि अपने बच्चों को अवेयर करें, ताकि भय मुक्त राजस्थान बन सके. उनका कहना था कि "महिला सुरक्षा को लेकर हम सबको साथ मिलकर काम करना होगा. मीडिया से भी उन्होंने अपील की है कि महिला सुरक्षा के प्रति आप भी अवेयर करें. ताकि घटना घटित होने से पहले बच्चियां सजग हों. हालांकि, बच्चियों के लिए सरकार अब कई तरह की योजनाएं चलाएगी. ताकि महिला सशक्तिकरण की बात को सही साबित किया जा सके."