राजस्थान सरकार की रीढ़ तोड़ सकता है शराबबंदी का फैसला, सालाना 15 हजार करोड़ नुकसान!

राज्य में शराबबंदी (Liquor Ban) की संभावनाओं को लेकर बिहार गया आबकारी विभाग का दल लौट आया है और जल्द ही सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगा. टीम ने वहां विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया.

राजस्थान सरकार की रीढ़ तोड़ सकता है शराबबंदी का फैसला, सालाना 15 हजार करोड़ नुकसान!
लगातार राजस्व आने से लक्ष्य बढ़ते-बढ़ते पंद्रह हजार करोड़ पहुंच गया.

जयपुर: राज्य में शराबबंदी (Liquor Ban) की संभावनाओं पर मुहर लगाने के लिए बिहार का अध्ययन करने गया दल वहां शराबबंदी (Liquor Ban) से प्रभावित हुए राजस्व को लेकर 'निरुत्तर' हो गया है. बिहार में शराब के कारोबार के मुकाबले राजस्थान 'महारथी' है. 

बिहार की शराब में जितना राजस्व होता है, उसके मुकाबले राजस्थान का पांच गुणा है. शराबबंदी (Liquor Ban) के बाद बिहार भले ही तीन हजार करोड़ का राजस्व नुकसान की भरपाई दूसरे विभागों से भरने का दंभ भर रहा है लेकिन राजस्थान की तस्वीर उलट है. राजस्थान में शराबबंदी (Liquor Ban) होती है करीब 1500 हजार करोड़ की राजस्व हानि होगी, जिसकी भरपाई कर पाना असंभव है.

राज्य में शराबबंदी (Liquor Ban) की संभावनाओं को लेकर बिहार गया आबकारी विभाग का दल लौट आया है और जल्द ही सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगा. टीम ने वहां विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया. बिहार सरकार में उच्चस्तरीय अधिकारियों से बातचीत कर शराबबंदी (Liquor Ban) को लेकर किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी ली. साथ ही फील्ड विजिट में जनता से बातचीत की तथा शराबबंदी (Liquor Ban) के बाद समाज में आए सकारात्मक बदलाव को जाना. इस मुहिम में जुड़े संगठनों से मुलाकात की और उनके प्रयासों पर जानकारी ली. पुलिस और आबकारी विभाग अब शराब तस्करों से किस तरह से निपट रहे हैं इन तौर-तरीकों को नजदीक से जाना. 

टीम ने पांच दिनों तक बिहार मॉडल का अध्ययन किया 
राजस्थान सरकार की यह उच्चस्तरीय टीम अतिरिक्त आबकारी आयुक्त सीआर देवासी के नेतृत्व में बिहार गई थी. पांच सदस्यीय टीम ने पांच दिनों तक बिहार मॉडल का अध्ययन किया है. वैसे टीम ने इस सम्बंध में किसी भी तरह का कमेंट देने से इनकार किया है. अधिकारी बताते हैं कि यह रिपोर्ट राजस्थान सरकार को सौंपी जाएगी. आगे का निर्णय जो भी होगा, वह सरकार को लेना है. टीम ने शराब तस्करी रोकने के लिए वाहन चेकिंग के तौर-तरीकों को जाना. टीम ने बिहार में बलथरी चेक पोस्ट पर जानकारी ली. माना जा रहा है कि इस तरह के रास्तों से होते हुए शराब अवैध रूप से बिहार पहुंचती है. ऐसे में तस्करी रोकने के लिए इन रास्तों पर सख्त निगरानी आवश्यक है. रोकथाम किस तरह से हो सकती है, इसका तरीका समझा गया.

राजस्थान में पर्यटकों की आमद भी बिहार से ज्यादा 
आबकारी विभाग के सूत्रों के मुताबिक कमेटी के अध्ययन में यह सामने आया है कि बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban) पूरी तरह से सफल है. सरकार के निर्देश पर अधिकारियों ने इसे पूरे मनोयोग से लागू किया है लेकिन दोनों राज्यों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं. खासतौर से सालाना आय के लक्ष्य भी काफी अलग है. शराबबंदी (Liquor Ban) लागू होने से पहले तक बिहार में जहां तीन से चार सौ करोड़ का राजस्व मिलता था, वहीं राजस्थान में यह 1500 हजार करोड़ के आसपास है. मोटे तौर पर राजस्थान में पर्यटकों की आमद भी बिहार से ज्यादा है. इनमें से भी पर्यटकों की एक बड़ी संख्या है, जो शराब के शौकीन माने गए हैं. 

गुजरात में राजस्थान से ज्यादा शराब बिकती है
फिलहाल राजस्थान में आबकारी से सालाना 15 हजार करोड़ रुपये राजस्व मिल रहा है. शराबबंदी (Liquor Ban) के दौरान इस राजस्व को किस तरीके से पूरा करना है इस पर ज्यादा फोकस किया जाएगा. साथ ही अन्य राज्यों से आने वाली शराब को रोकने के सख्त प्रयास करने होंगे. उच्चस्तरीय टीम ने इन बिंदुओं पर गहन अध्ययन किया है. उधर दूसरी तरफ देखें तो गुजरात में शराबबंदी (Liquor Ban) सिर्फ नाम की है सब जानते हैं कि बंदी के बावजूद गुजरात में राजस्थान से ज्यादा शराब बिकती है. सस्ती होने के कारण सर्वाधिक शराब हरियाणा की पहुंचती है और उसकी आड़ में राजस्थान की शराब भी बॉर्डर पार होती है. 

पंद्रह हजार करोड़ पहुंच गया राजस्व 
शराब के इस धंधे में राजस्थान और गुजरात का गहरा संबंध हैं. बरसों से तस्करी की राह चलने के बावजूद इसे तोड़ने के प्रयास सिर्फ कागजी है गुजरात सरकार को भी पता है कि अन्य राज्यों की निर्मित शराब की तस्करी रूकी तो वहां अवैध शराब से मौत का सिलसिला शुरू हो जाएगा. राजस्थान सरकार अब तक पड़ोसी राज्य गुजरात में शराब बेचकर खजाना छलकाती रही है. लगातार राजस्व आने से लक्ष्य बढ़ते-बढ़ते पंद्रह हजार करोड़ पहुंच गया.

बहरहाल, बिहार के कुछ साल पहले ही शराबंदी के बाद हालांकि सरकार और राजनीतिक स्तर पर वाहवाही के डंके पीटे जा रहे थे लेकिन राजस्थान के मुकाबले बिहार का राजस्व नुकसान नहीं के बराबर है. राजस्थान में शराबबंदी (Liquor Ban) होती है तो सरकार की रीढ़ ही टूट जाएगी और 15 हजार करोड़ का सालाना राजस्व जुटाना सरकार के लिए मुश्किल होगा.