नोएडा: DM का फर्जी आदेश बनाने वाले छात्रों को बेल, जिलाधिकारी ने कहा 'कार्रवाई कर संदेश देना जरूरी था'

जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चों ने किया वो एक अपराध था, जिस पर कार्रवाई करके संदेश देना जरुरी था.

नोएडा: DM का फर्जी आदेश बनाने वाले छात्रों को बेल, जिलाधिकारी ने कहा 'कार्रवाई कर संदेश देना जरूरी था'
गौतमबुद्ध नगर के डीएम की स्पेशल रिक्वेस्ट पर छात्रों को मिली बेल.

नोएडा: जिलाधिकारी के लेटर के साथ छेड़छाड़ और स्कूलों में छुट्टी होने की गलत सूचना वायरल करने वाले दोनों छात्रों को जमानत दे दी गई है. गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने इसकी जानकारी दी. गौरतलब है कि 25 दिसंबर, छुट्टी का दिन होने के बावजूद छात्रों को बेल दी गई.

दरअसल, 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों ने डीएम के नाम से लेटर जारी करके 23 और 24 दिसंबर को स्कूलों में छुट्टी घोषित करवा दी थी. जबकि, डीएम ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था. दोनों छात्रों ने एक ऐप (App) के जरिये डीएम के ही एक सरकारी आदेश में छेड़छाड़ कर उसे छुट्टी घोषित करने वाला आदेश बना दिया था.

बताया जा रहा है कि छात्रों ने इस आदेश को सोशल मीडिया के जरिये वायरल किया. जिससे कई स्कूलों में 23 और 24 दिसंबर की छुट्टी हो गई. बाद में पुलिस द्वारा की गई जांच में इस मामले का खुलासा हुआ. जिसके बाद गलत सूचना वायरल करने वाले दोनों छात्रों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाल सुधार गृह भेज दिया गया.

जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र डीएम आवास पहुंचे और धरना दिया. छात्रों ने हाथ जोड़कर, कान पकड़ कर डीएम से माफी मांगते हुए अपने साथियों को छोड़ने की गुहार लगाई. 

वहीं, छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में पहले 100 से अधिक छात्र-छात्राएं कोतवाली सेक्टर-20 पहुंचे. यहां पुलिस ने बताया कि दोनों छात्रों को फेज-2 स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया है. इसके बाद सभी छात्र डीएम कैंप ऑफिस पहुंचे. जहां छात्र कान पकड़कर घंटों बैठे रहे. इस दौरान पुलिस ने बच्चों को बताया कि उनके दोनों साथियों पर मामला दर्ज कर उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है. अब इस मामले में कुछ भी नहीं हो सकता है. लेकिन, छात्र डीएम से मिलने पर अड़े रहे.

छात्रों ने कहा कि दोनों से गलती हुई है. दोनों कोई पेशेवर अपराधी नहीं है. पकड़े गए दोनों छात्र साइंस के छात्र हैं और दो दिन बाद प्रैक्टिकल (Practical) परीक्षा हैं. इसके बाद बोर्ड की परीक्षाएं हैं. छात्रों की मांग की थी कि दोनों छात्रों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाना चाहिए.

वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ प्रथम ने मौके पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं को बहुत समझाया. अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से भी बात की. बाद में अधिकारियों के समझाने पर छात्र अधिकारियों की बात मानकर घर चले गए.

वहीं बाद में दोनों छात्रों को बेल दे दी गई. साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि जो बच्चों ने किया वो एक अपराध था, जिस पर कार्रवाई करके संदेश देना जरूरी था.