बर्फबारी से पहाड़ों में 'हिमयुग', पर्यटकों से कहीं खुशी, नुकसान से कहीं गम!

भारी बर्फबारी से एक तरफ जहां ओली पर्यटकों से गुलजार है, तो वहीं चमोली में बिजली व्यवस्था ठप पड़ गई है. जबकि नैनीताल में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है.

बर्फबारी से पहाड़ों में 'हिमयुग', पर्यटकों से कहीं खुशी, नुकसान से कहीं गम!
भारी बर्फबारी से एक तरफ जहां ओली पर्यटकों से गुलजार है, तो वहीं चमोली में बिजली व्यवस्था ठप पड़ गई है.

चमोली: पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी से उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदल गया है. चमोली में बर्फबारी के बाद मशहूर पर्यटन स्थल औली पर्यटकों से गुलजार है. पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. यहां तक कि सुबह से शाम तक चलने वाली रोपवे के लिए सुबह-सुबह ही शाम तक की बुकिंग हो जा रही है. जिसकी वजह से बुकिंग क्लोज्ड का बोर्ड देखकर कुछ पर्यटक निराश भी हैं. क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए औली हमेशा ही पर्यटकों के लिए पहली पसंद बना रहता है, ऐसे में जबरदस्त बर्फबारी ने औली की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं. इस समय औली का नजारा पूरी दुनिया में बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है.

लेकिन, बर्फबारी के बाद चमोली में आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग बर्फ में चलकर बमुश्किल रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, लेकिन औली में हुई बर्फबारी के बाद स्थानीय व्यवसाई और पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि यहां अगले सप्ताह क्रिसमस और न्यू ईयर की भारी भीड़ उमड़ने वाली है.

बर्फबारी की वजह से विद्युत विभाग को हुआ नुकसान
बर्फबारी के कारण बिजली विभाग को काफी नुकसान हुआ है. बिजली के खम्भों से लेकर ट्रासंफॉर्मर और विद्युत लाइनों को नुकसान हुआ है. बिजली विभाग के अनुसार केवल नैनीताल में ही 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है. सबसे ज्यादा नुकसान मुक्तेश्वर, पदमपुरी, ओखलकांडा और धारी क्षेत्र में हुआ है. विभाग ने फौरी तौर पर बिजली की सप्लाई चालू कर दी है. हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम को लेकर पॉवर कॉर्पोरेशन ने चिंता जाहिर की है.

किसान परेशान फसल को नुकसान!
नैनीताल में बर्फबारी के कारण कई जगह फसलों को नुकसान हुआ है. नैनीताल में बर्फबारी के बाद मुक्तेश्वर, धनाचूली, रामगढ़ और ओखलकांडा इलाकों में सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है.