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डायल 112 पर अखिलेश ने उठाया सवाल, बोले- 'नंबर बदलकर बचकाना तर्क दे रहे हैं'

अखिलेश यादव के इस ट्वीट पर बीजेपी का कहना है कि अखिलेश यादव खुद को इंजीनियरिंग का छात्र बताते है, तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि ये बदलाव बेहतर तकनीकी के लिये ही किया गया है.

डायल 112 पर अखिलेश ने उठाया सवाल, बोले- 'नंबर बदलकर बचकाना तर्क दे रहे हैं'
सपा अध्यक्ष की फाइल फोटो.

लखनऊ: यूपी (Uttar Pradesh) में एक बार फिर नाम और काम को लेकर सियासत शुरू हो गई है. यूपी में योगी सरकार ने डायल 100 (Dial 100) की जगह डायल 112 (Dial 112) सेवा शुरू करने जा रही है. डायल 100 सेवा को बंद करने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ( Akhilesh Yadav) ने एक बार फिर योगी सरकार (Yogi Government) पर सवाल उठाये है. 

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर योगी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के समय शुरू किए गए डायल 100 की लोकप्रियता से घबराकर बीजेपी ने इसे बदलने का फैसला लिया है. बीजेपी सरकार ने जनता में स्थापित हो चुके इस आपात-सेवा नंबर को बदल दिया है और ये बचकाना तर्क दिया है कि नया नम्बर अधिक विकसित है. कोई माननीय उद्घाटक जी को बताए कि विकसित तो नम्बर के पीछे की टेक्नोलॉजी होती है ख़ुद नम्बर नहीं.'

 

 

अखिलेश यादव के इस ट्वीट पर बीजेपी का कहना है कि अखिलेश यादव खुद को इंजीनियरिंग का छात्र बताते है, तो उन्हें यह पता होना चाहिए कि ये बदलाव बेहतर तकनीकी के लिये ही किया गया है.

सरकार का दावा है कि देश की राजधानी दिल्ली में यह योजना पहले से ही चल रही है. आपातकालीन नंबर 112 दुनिया के कई देशों में है. इस नंबर पर काल करने से जरूरतमंदों को एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की सेवा एक साथ मिल जाती है.

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इस सेवा के तहत 112 नंबर से पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़ दिया गया है. इससे पहले इमरजेंसी सेवाओं के लिए 20 से अधिक आपात नंबर थे. लिहाजा अखिलेश यादव को सवाल उठाने से पहले इसे समझना चाहिए. हालांकि समाजवादी पार्टी लगातार यह आरोप लगा रही है कि योगी सरकार के पास न तो कोई नई योजना है लिहाजा पुरानी योजनाओं का नाम बदल कर अपनी योजना बता रहे है.

आपको बता दें कि यूपी में जून 2016 में अखिलेश सरकार ने डायल 100 सेवा शुरू की थी. अखिलेश यादव इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते है.