बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में CBI कोर्ट में पेशी, 32 में से 7 आरोपी दर्ज करा सकते हैं बयान

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतम्भरा, साक्षी महाराज, राम विलास वेदांती और बृज भूषण शरण सिंह समेत 32 आरोपियों के बयान दर्ज होने हैं. 

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में CBI कोर्ट में पेशी, 32 में से 7 आरोपी दर्ज करा सकते हैं बयान

लखनऊ: बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत में गुरुवार को सुनवाई होगी. इसमें अदालत ने सभी आरोपियों को पेश होने के आदेश दिए हैं. इससे पहले 28 मई को हुई सुनवाई में ये सभी आरोपी पेश नहीं हुए थे. बचाव के पक्ष के वकील ने अदालत से गवाहों के पेश होने के लिए समय मांगा था, जिस पर विशेष अदालत ने 4 जून की तारीख तय की थी. दरअसल, बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतम्भरा, साक्षी महाराज, राम विलास वेदांती और बृज भूषण शरण सिंह समेत 32 आरोपियों के बयान दर्ज होने हैं. 

49 आरोपी थे जिनमें 17 की हो चुकी है मौत
मामले में कुल 49 लोग आरोपी बनाए गए थे जिनमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है. बाकी 32 लोगों में से विनय कटियार, पवन पांडेय, राम विलास वेदांती, धर्मदास, विजय बहादुर, संतोष दुबे, गांधी यादव कोर्ट में पेश हो सकते हैं. जबकि मुरली मनोहर जोशी, एलके आडवाणी, साध्वी ऋतम्बरा समेत अन्य और आरोपी शायद ही कल कोर्ट में पेश हो पाएं. आरोपियों की गवाही सीआरपीसी की धारा 313 के तहत होनी है.

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31 अगस्त तक हर हाल में पूरी होगी सुनवाई
आपको बता दें कि इस मामले में 8 मई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर 31 अगस्त, 2020 तक सुनवाई पूरी करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई अदालत 31 अगस्त तक हर हाल में सुनवाई पूरी करे. इसके लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल बतौर सबूत के लिए किया जाना चाहिए. 

मांगी थी हाजिरी माफी
सीबीआई के वकील ललित सिंह और आरके यादव के मुताबिक एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को अगले आदेश तक अदालत में हाजिर होने से छूट मिली थी, लेकिन दूसरे आरोपियों ने भी 28 मई को हाजिरी माफी की गुजारिश की थी. जिस पर कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील को 4 जून को हर हाल में आरोपियों को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था. 

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क्या था मामला
दरअसल, 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढांचे को उन्मादी भीड़ ने गिरा दिया था. मामले की रिपोर्ट 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में दर्ज कराई गई थी. मामले की जांच सीबीआई ने की. मामले में सीबीआई ने 49 आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. इनमें से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, विनय कटियार, राम विलास वेदांती, चंपत राम बंसल और महंत नृत्य गोपाल दास समेत 32 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है.