तमंचे के बल पर महिला को किया अगवा, नशा देकर करते रहे 3 दिन तक रेप, नहीं मिला न्याय तो लगाई आग

पुलिस के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुले आम घूम रहे हैं और उसके परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है.

तमंचे के बल पर महिला को किया अगवा, नशा देकर करते रहे 3 दिन तक रेप, नहीं मिला न्याय तो लगाई आग
.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

बागपत (उप्र):  उत्तर प्रदेश के बागपत जिला कलेक्ट्रेट गेट पर सामूहिक बलात्कार पीड़ित एक महिला ने आत्मदाह करने का प्रयास किया. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कथित रूप से सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला और उसके परिजनों ने कलक्ट्रेट गेट पर सोमवार को केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की. पुलिस ने हालांकि माचिस और केरोसिन की बोतल छीनकर हालात काबू किया. पुलिस के मुताबिक सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुले आम घूम रहे हैं और उसके परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है.

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पीडि़ता को दस दिन में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया. बागपत कोतवाली पुलिस ने दर्ज तहरीर के आधार पर बताया, ‘‘कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में 12 जनवरी को दस—बारह लोगों ने घर में घुसकर पीडि़ता के परिवार पर हमला किया.

घर में तोड़फोड़ कर महिला को उठाकर ले गए. तमंचे के बल पर महिला को गाड़ी में बैठाया और पानी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया. उसे सुनसान जगह ले गए और तीन दिन तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया.’’ पुलिस ने बताया कि 14 जनवरी की रात को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सिसाना गांव के पास होटल के बाहर महिला को फेंक कर आरोपी भाग गए.

पुलिस ने उसका मेडिकल कराया. उन्होंने बताया कि महिला की तहरीर पर बागपत कोतवाली में रियासत अली, नूर मोहम्मद, चांद, सलमान, तसलीम, सलीम, इम्त्याज अली, सलीम अली के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया.

जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने महिला द्वारा आत्मदाह की घटना पर अधिक कुछ नहीं कहा हालांकि यह बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि अपने स्तर से टीम का गठन कर जांच करायेंगे. अधिकारी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सख्त कार्रवाई होगी.

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस जांच कर रही है . उन्होंने बताया कि दुष्कर्म के मामले में बिना जांच के किसी को जेल नहीं भेज सकते और जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी.

इनपुट भाषा से भी