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बुलंदशहर हिंसाः प्रशांत नट की पत्नी बोली- 'पुलिस ने घर में रखा इंस्पेक्टर सुबोध का फोन'

बुलंदशहर पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के आरोपी प्रशांत नट के बाद 1 जनवरी को एक अन्य आरोपी कलुआ को गिरफ्तार किया था.

बुलंदशहर हिंसाः प्रशांत नट की पत्नी बोली- 'पुलिस ने घर में रखा इंस्पेक्टर सुबोध का फोन'
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्लीः बुलंदशहर हिंसा (Bulandshahr Violence) में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार (Inspector Subodh Kumar) की हत्या के आरोपी प्रशांत नट की पत्नी ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रशांत नट की पत्नी का आरोप है कि रविवार (27 जनवरी) को उनके घर से मिला इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का फोन खुद पुलिस ने उनके घर पर रखा था. आपको बता दें कि इस मामले में प्रशांत नट को 27 दिसंबर 2018 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 

प्रशांत नट की पत्नी ने मीडिया को बताया, 'पुलिस हमारे घर आई और कहा कि उनके पास घर की तलाशी का वारंट है. उन्होंने मुझसे प्रशांत के कमरे के बारे में पूछा. दो पुलिसवाले कमरे में गए और वहां एक फोन ड्रेसिंग टेबल पर रखा दिया. जब हमने उनसे कहा कि ये फोन हमारा नहीं है, तब पुलिस ने हमें चुप रहने को कहा. इसके बाद पुलिस उस फोन को अपने साथ ले गई.'

बुलंदशहर पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के आरोपी प्रशांत नट के बाद 1 जनवरी को एक अन्य आरोपी कलुआ को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि हिंसा वाले दिन कलुआ ने धारदार हथियार से वार करके इंस्पेक्टर को गंभीर रूप से घायल किया था. 

इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रशांत नट को पुलिस ने 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बुलंदशहर प्रभाकर चौधरी ने नट की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी.आपको बता दें कि 29 दिसंबर को स्याना कोतवाली थाना क्षेत्र के चिंगरावटी गांव में बुलन्दशहर हिंसा मामले में ग्रामीणों का पुलिस-प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फूट गया. ग्रामीणों ने स्याना के बीजेपी विधायक देवेन्द्र सिंह लोधी को बंधक बना लिया. 

इस दौरान ग्रामीणों ने स्याना हिंसा को लेकर की जा रही पुलिस कार्रवाई से नाराजगी जताई और बीजेपी विधायक को खरी खोटी सुनाई. गुस्साएं लोगों ने विधायक देवेन्द्र सिंह लोधी को तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीबीआई जांच एवं निर्दोष ग्रामीणों की गिरफ्तारी न करने की मांग की. कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों ने विधायक को छोड़ा.