चिल्ड्रेन होम एकेडमी के पास कब्रिस्तान की जांच शुरू, शिक्षा विभाग भी जल्द करेगा कार्रवाई

 Children Home Academy: बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा है कि जिस तरह से स्कूल के पास कब्रिस्तान बना है उससे यहां मानव तस्करी की आशंका दिखाई देती है.

चिल्ड्रेन होम एकेडमी के पास कब्रिस्तान की जांच शुरू, शिक्षा विभाग भी जल्द करेगा कार्रवाई
12 साल के बच्चे अभिषेक रविदास की मौत के बाद यहां हड़कंप मचा हुआ है.

देहरादून: देहरादून (Dehradun) के पास रानीपोखरी में स्थित चिल्ड्रेन होम एकेडमी (Children Home Academy) में 6 महीने में दो बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बाल आयोग में इस स्कूल में मानव तस्करी (Human Trafficking) की आशंका जताई है. इस स्कूल की जिला प्रशासन कई स्तर से जांच कर रहा है. स्कूल में पढ़ रहे 12 साल के बच्चे अभिषेक रविदास की मौत के बाद यहां हड़कंप मचा हुआ है.

चिल्ड्रेन होम एकेडमी में अभिषेक रविदास पढ़ता था. लेकिन पिछले कुछ दिन से उसकी तबीयत खराब थी. स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का भी आरोप है खबर है कि दो-तीन दिन तक स्कूल प्रशासन बीमारी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल तक नहीं ले गया जबकि यहां से कुछ ही दूरी पर मेडिकल हॉस्पिटल है. जब मेडिकल कॉलेज में बच्चे को ले जाया गया तो वहां उसकी मौत निमोनिया से बताई गई.

यह स्कूल सबसे पहले इसी साल फरवरी-मार्च में चर्चा में आया था. जब इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्र वासु की मौत हो गई थी. आश्चर्य तो तब हुआ जब वासु का अंतिम संस्कार स्कूल प्रशासन ने बिना उसके माता-पिता को बताए कर दिया. बच्चे का अंतिम संस्कार भी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार नहीं हुआ. बासु को स्कूल के पास ही बने कब्रिस्तान में दफना दिया गया. इसके बाद इस पर अच्छा खासा विवाद खड़ा हुआ. मामले की कई स्तर पर जांच की गई तो पता चला कि छात्र को दफना दिया गया. स्कूल पर धर्मान्तरण का भी आरोप लगता रहा है.

स्कूल परिसर या उसके पास कब्रिस्तान कैसे बनाया जा सकता है, इसको लेकर बाल आयोग और जिला प्रशासन आशंका व्यक्त कर रहे हैं. बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा है कि जिस तरह से स्कूल के पास कब्रिस्तान बना है उससे यहां मानव तस्करी की आशंका दिखाई देती है.

ऊषा नेगी के मुताबिक, पहले भी इस स्कूल पर विवाद हुआ है और एक बार फिर यहां बच्चे गंभीर तरह से बीमार हैं. लेकिन स्कूल प्रशासन लापरवाह बना हुआ है. दूसरी तरफ देहरादून जिले के जिलाधिकारी श्री रवि शंकर का कहना है कि स्कूल परिसर के पास कब्रिस्तान बने होने को लेकर जांच की जा रही है. यह जमीन स्कूल की है या किसी अन्य की इसको लेकर रिकॉर्ड तलब किए गए हैं.

लाइव टीवी देखें

मार्च माह में वासु की मौत के बाद इस स्कूल की मान्यता रद्द कर दी गई थी. लेकिन इसके कुछ सेक्शन को चलाया जा रहा था. जिलाधिकारी का कहना है कि इस मामले में शिक्षा विभाग से बातचीत हो रही है. शिक्षा विभाग इस पर क्या कार्रवाई करेगा इसको लेकर मंथन किया जा रहा है. बसु के बाद अब अभिषेक की मौत के बाद स्कूल एक बार फिर निशाने पर है. जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की अलग अलग जांच के बाद ही तसवीर साफ होगी.