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देहरादूनः किट्टी और कमेटी के नाम पर महिलाओं से हो रही पैसों की ठगी, लेकिन...

किट्टी की शिकार महिलाओं का कहना है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि छाबड़ा इंटरप्राइजेज ने किट्टी के माध्यम से कई लोगों को ठगा है. 

देहरादूनः किट्टी और कमेटी के नाम पर महिलाओं से हो रही पैसों की ठगी, लेकिन...
सांकेतिक तस्वीर

देहरादून : राजधानी देहरादून किट्टी के गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है. महिलाओं के साथ साथ अब पुरुष भी देहरादून में बढ़ते किट्टी के जंजाल में फंसते जा रहे है. पिछले 3 महीनों से किट्टी के मकड़ीजाल में देहरादून के सैकड़ों महिलाओं ने अपनी गाढ़ी कमाई गवा दी और किट्टी संचालक इसे लेकर फरार हो गया. अब ताजा मामला नेहरु कालोनी क्षेत्र का है जहां एक दर्जन महिलाओं के साथ ही कशिश भंडारी भी किट्टी के जाल में फंस गये.

हर महीने जमा करवाते थे 25 हजार रुपये 
जनवरी 2018 में कशिश ने तीन लोगों के साथ 25 हजार प्रति महीने की किश्त चेक से राजकुमार छावडा को देता रहा. जनवरी 2019 में जब वो किट्टी पूरी हुई तो कशिश भंडारी ने अपने 6 लाख रुपये मांगने शुरु किए. किट्टी लगातार इसकी टालमटोल करता रहा तो कशिश ने मार्च 2019 में इसकी लिखित शिकायत बाईपास चौकी में कर दी. वहां से भी कोई आश्वासन नहीं आया तो फिर पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की.

पैसे मांगने वाला गालियां देता है किट्टी वाला
एसपी सिटी स्वेता चौबे से शिकायत करने के बाद कशिश भंडारी ने एक बार फिर लिखित तहरीर पटेलनगर बाजार चौकी में दर्ज कराई जिसमें आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. कशिश ने कहा कि राज कुमार छावडा से जब भी वो किट्टी के पैसे लेने की बात करता है तो वो गाली गलौच और जान से मारने की धमकी देने लगता है.

महिलाएं भी बड़ी संख्या में किट्टी के जंजाल में फंसी हुई हैं
किट्टी का गोरखधंधा राजधानी देहरादून में पिछले कई दिनों से लगातार सुर्खियों में है. पुलिस इस मामले में अभी तक कोई सफलता हाथ नही लगी है. तारा राजपूत भी छावड़ा इंटरप्राइजेज में पिछले 3 सालों से किट्टी में जुड़ी हैं. डेढ साल तक तो सब ठीक चलता रहा लेकिन पिछले डेढ साल से छावडा इंटरप्राइजेज ने किट्टी में की धनराशि लौटनी बंद कर दी.

तारा कहती है वे विधवा है और अपनी बेटी के साथ रहती है. किराए से जो धनराशि आती है उसे किट्टी में जमा करा देती थी, लेकिन अब पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं. तारा ने कई और महिलाओं को भी छावडा इंटरप्राइजेज में किट्टी से जोड़ दिया. अब वो महिलाएं भी तारा से अपने गाढी कमाई से जमा किट्टी के पैसे मांग रही है. 

पुलिस केवल खानापूर्ति कर मात्र दे रही है सलाह
किट्टी की शिकार महिलाओं का कहना है कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि छाबड़ा इंटरप्राइजेज ने किट्टी के माध्यम से कई लोगों को ठगा है. पीड़ित पुलिस में भी शिकायत कर चुके है. महीनों तक अपनी गाढ़ी कमाई देते रहे लेकिन अब किट्टी संचालक सैकड़ों लोगों की लाखों की धनराशि नही दे रहा है. ठगी का शिकार हुई महिलाओं ने कहा कि उनसे बहला फुसलाकर किट्टी में शामिल होने के लिए कहा गया और उन्होंने कई महिलाओं को भी जोड़ दिया. अब पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल खाना पूर्ति कर रही है. पुलिस अब मात्र लोगों से किट्टी ना करने की अपील कर रही है. किट्टी संचालक राज कुमार छाबड़ा से भी हमने उसका पक्ष जानने की कोशिश की तो वे किट्टी संचालन से ही मुकर गए. डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार भी मात्र किट्टी के जाल में फंसे दूनवासियों को सलाह दे रहे है. 

आखिर क्या होता है किट्टी और कमेटी का जाल 
किट्टी में हर महीने प्रति व्यक्ति एक हजार से अधिक की धनराशि जमा करते है. हर किट्टी में एक ग्रुप होता है और फिर हर महीने में एक लक्की ड्रा निकाला जाता है और सभी को लालच दिया जाता है. अब किट्टी संचालक लोगों के पैसे देने से इंकार कर रहा है. किट्टी में सौ से अधिक सदस्य हो सकते है जो 20 महीने की होती है जबकि कमेटी 12 महीने से 16 महीने की होती है और मेंबर उतने ही होते है जितने महीने की कमेटी होती है. राजकुमार छावडा कमेटी और किट्टी दोनों संचालित करता है.