हरीश रावत का अपनी ही पार्टी पर निशाना, बोले- 'गैरसैंण के मुद्दे पर त्रिवेंद्र सरकार को घेरो'

दरअसल, प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. ऐसे में संभावना है कि पार्टी गैरसैंण के मुद्दे को एक बार फिर आधार बनाकर सियासत कर सकती है.

हरीश रावत का अपनी ही पार्टी पर निशाना, बोले- 'गैरसैंण के मुद्दे पर त्रिवेंद्र सरकार को घेरो'
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी को नसीहत दी है.

देहरादून: विधानसभा का शीतकालीन सत्र राजधानी देहरादून (Dehradun) में बुलाए जाने को लेकर सूबे की सियासत गर्माने लगी है. सत्र को गैरसैंण में न बुलाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harsih Rawat) ने जहां अपनी ही पार्टी को नसीहत दी, तो वहीं सूबे की त्रिवेंद्र सरकार को भी घेरा है. राज्य गठन के बाद से राजनीति के केंद्र में रहे गैरसैंण के मुद्दे पर एक बार फिर सदन में हंगामा हो सकता है.

दरअसल, प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. ऐसे में संभावना है कि पार्टी गैरसैंण के मुद्दे को एक बार फिर आधार बनाकर सियासत कर सकती है.
 
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी को नसीहत दी है कि जनता के मुद्दों को कांग्रेस जोश-शोर से उठाएं. हरीश रावत ने कहा कि चुनावों में मिल रही लगातार हार से कांग्रेस थोड़ी सुस्त हो गई है. जिससे उसके हौसले थोड़े पस्त हो गए हैं. पार्टी को जनहित के मुद्दों को उठाना चाहिए.

गौरतलब है कि 2014 के बाद ये पहला मौका है, जब किसी वर्ष में गैरसैंण में विधानसभा का कोई सत्र नहीं होगा. विधानसभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार शाम जारी हुई अधिसूचना में सत्र 4 दिसंबर से देहरादून में होने की बात है. शीतकालीन सत्र के 10 दिसंबर तक चलने की संभावना है. वहीं सत्र के शुरू होने से पहले ही सत्र के गैरसैंण में न होने को लेकर सियासत गर्माने लगी है.