इलाहाबाद हाईकोर्ट में आगामी 8 जून से खुली अदालत में होगी सुनवाई, लेकिन शर्तों के साथ

कोर्ट परिसर में वकीलों के प्रवेश के लिए अलग से गेट निर्धारित किए गए हैं. वकीलों का कोर्ट परिसर में प्रवेश ई-पास के जरिए होगा. 65 वर्ष से अधिक आयु वाले वकीलों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आगामी 8 जून से खुली अदालत में होगी सुनवाई, लेकिन शर्तों के साथ
इलाहाबाद हाईकोर्ट.

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में आगामी 8 जून से खुली अदालत में मुकदमों की सुनवाई एक बार फिर शुरू हो जाएगी. हाईकोर्ट के इलाहाबाद प्रधान पीठ के साथ लखनऊ पीठ में न्यायिक कार्य शुरू होगा. तीन जून से मैनुअल के साथ ई दाखिले को भी मंजूरी दी गई है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमों की सुनवाई की विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है. आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान खुली अदालत में सुनवाई नहीं हो रही थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार अजय कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को गाइडलाइन जारी कर दी.

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अदालत की विशेष पीठ न्यायमूर्तियों एवं स्टाफ की न्यूनतम संख्या के साथ बैठेगी. स्टैंप रिर्पोटिंग सेक्शन में एक अलग स्थान पर दाखिला होगा. ई मोड से पुराने मुकदमों में अर्जेंसी अर्जियां की स्वीकार की जाएंगी. हर अनुभाग से सभी फाइलों को सैनिटाइज करके ही कोर्ट में भेजा जाएगा.

कोर्ट परिसर में वकीलों के प्रवेश के लिए अलग से गेट निर्धारित किए गए हैं. वकीलों का कोर्ट परिसर में प्रवेश ई-पास के जरिए होगा. 65 वर्ष से अधिक आयु वाले वकीलों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बहस की सुविधा दी जाएगी.

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वकीलों के चेंबर कैंटीन बंद रहेंगे. सभी वकीलों और स्टाफ को मास्क पहनना अनिवार्य होगा. उन्हें फिजिकल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. न्याय कक्ष में किसी भी दशा में 6 से अधिक वकील मौजूद नहीं रहेगे. बहस करने के बाद वकील तुरंत बाहर चले जाएंगे. हॉटस्पॉट एरिया में रहने वाले वकीलों को न्यायालय में नहीं आने के लिए कहा गया है.

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