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अमेठी में 100 दिनों में कराया 800 करोड़ का काम, जनता 24 घंटे मेरे से मिल सकती है: स्मृति ईरानी

Amethi: अमेठी  दौरे के आखिरी दिन स्मृति ईरानी ने जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार हॉल से जिले में बेहतर कार्य करने वाली आशा बहुओं को सम्मनित किया. साथ ही जिले के 638 स्कूलों के लिए किचेन गार्डन स्कीम लॉन्च की

अमेठी में 100 दिनों में कराया 800 करोड़ का काम, जनता 24 घंटे मेरे से मिल सकती है: स्मृति ईरानी
कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं यहां से सांसद हूं.

अमेठी: केन्द्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी (Smriti Irani) अपने दो दिवसीय अमेठी (Amethi) दौरे के आखिरी दिन जवाहर नवोदय विद्यालय के सभागार हॉल से जिले में बेहतर कार्य करने वाली आशा बहुओं को सम्मनित किया. साथ ही जिले के 638 स्कूलों के लिए किचेन गार्डन स्कीम लॉन्च की, जिसकी कुल लागत 95 लाख 70 हजार है.

वहीं कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि इन 100 दिनों से 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को किसान सम्मान निधि से जोड़ा गया है. आयुष्मान भारत के कार्ड को सभी तक पहुंचाने के लिए सीएमओ साहब अपना योगदान दें. केन्द्रीय मंत्री और अमेठी सांसद ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से बच्चों को सीखने को मिलेगा. 

उन्होंने कहा कि पिछले 100 दिन में मैंने अमेठी में 225 करोड़ की लागत के 210 कार्यक्रम कराएं हैं. अमेठी में 550 करोड़ की लागत से रेलवे का काम हो रहा है. तो लगभग 800 करोड़ का काम 100 दिन में किया, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेठी की जनता का साथ मुझे मिला है. अमेठी की जनता 24 घंटे मुझसे मिल सकती है. उन्होंने कहा कि अगर अमेठी की चाहें तो दिल्ली में आकर भी मुझसे कभी भी मिल सकती है. 

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कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं यहां से सांसद हूं. यहां के लोगों ने मैसेज दिया कि उन्होंने सांसद नहीं दीदी को चुना है. मैंने बहनों को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई हो, दीदी कहा. उन्होंने कहा कि ये लोग यशोदा से कम नहीं है. इन्हें कहीं सम्मान नहीं मिलता, फिर भी ये अपना काम पूरी लगन से करती हैं. 

उन्होंने कहा कि अगर बहनें अपने गांव में कुछ करवाना चाहती हैं तो मुझे आदेश दें. मैं अपनी संसद निधि से इनका कार्य करूंगी. ये बहनें मुझे सीधे या तो पत्र दें या तो सीएमओ साहब के माध्यम से दें. बहनों का जो आदेश होगा, अगले 24 घंटे में उस पर काम शुरू होगा. जो भी काम कानून के दायरे में होगा, वो सब मैं इन बहनों के लिए करूंगीं.