राहुल गांधी को अमेठी का विकास होने का डर सता रहा है: स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानी ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी से पूछा, ‘‘लगे हाथ आज देश को बता दें कि कैसे आपने तो उस संस्थान का भी शिलान्यास किया जिसका आप ही के एक नेता ने लगभग 2 दशक पहले शिलान्यास किया था.’’

राहुल गांधी को अमेठी का विकास होने का डर सता रहा है: स्मृति ईरानी

नई दिल्‍ली: राहुल गांधी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र में 2010 में आयुध कारखाने का उद्घाटन करने के बयान पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को अमेठी का विकास होने का डर इतना सता रहा है कि उन्होंने यह देखने की तकलीफ नहीं उठाई कि संयुक्त उद्यम का उद्घाटन कोरवा में हुआ है.

स्मृति ईरानी ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी से पूछा, ‘‘लगे हाथ आज देश को बता दें कि कैसे आपने तो उस संस्थान का भी शिलान्यास किया जिसका आप ही के एक नेता ने लगभग 2 दशक पहले शिलान्यास किया था.’’ केंद्रीय मंत्री ने एक फोटो शेयर करते हुए सवाल किया कि फ़ोटो को ध्यान से देखें इसमें आप 2007 के शिलान्यास में उपस्थित हैं लेकिन आज सुबह कह रहे हैं 2010 में किया. अब यह बताएं यह 2007 है या 2010?

उन्होंने ट्वीट किया ,‘‘होती हैं ऐसी ग़लतियां राहुल जी- झूठ इतना बोला आपने अमेठी के बारे में कि शिलान्यास कब किया और सत्यानाश कब, यह आपको याद नहीं रहता.'' स्मृति ईरानी ने कहा, ‘‘ आपको डर इतना है कि अमेठी में विकास हो रहा है.. कि आपने ये देखने की तकलीफ़ नहीं उठाई कि कल कोरवा में संयुक्त उद्यम का उद्घाटन हुआ है. इसके तहत भारत और रूस के बीच एके 203 राइफ़ल के निर्माण का समझौता हुआ.’’

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया कि अगर कोरवा में 2010 में आपने शिलान्यास किया तो 2007 में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के संबंध में जो हुआ उस पर प्रकाश डालेंगे? उन्होंने कहा कि शिलान्यास नहीं सत्यानाश किया है आपने अमेठी में.

 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेठी में आयुध कारखाने का उद्घाटन किये जाने के एक दिन बाद सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने झूठ बोला है क्योंकि वह अपने संसदीय क्षेत्र में आयुध कारखाने का उद्घाटन 2010 में ही कर चुके हैं. गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास 2010 में मैंने खुद किया था. पिछले कई सालों से वहां छोटे हथियारों का विनिर्माण चल रहा है."

(इनपुट: एजेंसी भाषा से भी)