9 दिन से लोखंडी में फंसे पर्यटकों को किया गया रेस्क्यू, पर्यटकों ने कहा Thank You

9 दिन से लोखंडी में फंसे पर्यटकों को किया गया रेस्क्यू, पर्यटकों ने कहा Thank You

चकराता में पिछले 9 दिनों से फंसे पर्यटकों ने अपना वीडियो वायरल किया था और अपनी मुश्किलों की जानकारी दी थी. 

9 दिन से लोखंडी में फंसे पर्यटकों को किया गया रेस्क्यू, पर्यटकों ने कहा Thank You

देहरादून: ज़ी मीडिया की खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है. पिछले 9 दिनों से लोखंडी में फंसे पर्यटकों की प्रशासन ने सकुशसल रेस्क्यू कर लिया है. पिछले 9 दिनों से पर्यटक देहरादून से करीब 100 किमी चकराता क्षेत्र में लोखंडी में रुके हुए थे. चार मशीनों ने लोखंडी तक सड़क खोल दी है. एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने पर्यटकों को लोखंडी से रेस्क्यू किया. आपको बताते चले कि चकराता में पिछले 9 दिनों से फंसे पर्यटकों ने अपना वीडियो वायरल किया था और अपनी मुश्किलों की जानकारी दी थी. 20 जनवरी को चकराता से 20 किमी आगे लोखंडी में दिल्ली से आए 4 पर्यटक फंसे हुए थे. अब लोखंडी तक सड़क खोल दी गई है. 

स्थानीय लोगों की पर्यटकों ने की तारीफ
पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन के प्रति जमकर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जब हम 20 तारीख को यहां पहुंचे. 21-22 जनवरी को भारी बर्फबारी के बाद फंस गए तो 23 जनवरी से लगातार स्थानीय पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे थे लेकिन मदद नहीं हो सकी. उसके बाद मजबूरी में वीडियो बनाया और उसे कई जगह भेज दिया तब जाकर स्थानीय प्रशासन को मदद के लिए जेसीबी मशीने भेजनी पड़ी. हालांकि, उन्होंने स्थानीय लोगों की जमकर तारीफ की. पर्यटकों ने कहा कि वह जिस होटल में रुके थे और होटल के पास स्थित लोहारी गांव के ग्रामीणों ने उनकी काफी मदद की और उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नही होने दी. 

हिमाचल और उत्तराखंड में यही सबसे बड़ा फर्क है
दिल्ली से आये पर्यटकों ने कहा कि हिमाचल में भी हर साल काफी बर्फबारी होती है और वे कई बार वहां गए लेकिन सड़के बर्फबारी के इतने समय तक बंद नहीं होती. उत्तराखंड में यह बड़ी समस्या हूं. अभी चकराता क्षेत्र के करीब 45 गांवों की हजारों आबादी बर्फबारी से अलग-थलग हैं. प्रशासन ने भले ही दिल्ली से आए 4 पर्यटकों का रेस्क्यू कर लिया हो लेकिन अभी भी इस पूरे क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद जिंदगी बर्फ में कैद है. चकराता एसडीएम ने कहा कि लोखंडी से आगे भी चकराता त्यूणी हाईवे को खोलने का कार्य जारी रहेगा. लोखंडी के पास लोहरी गांव निवासी विक्रम राणा ने कहा कि स्थानीय लोगों की भी अपनी समस्याएं है जिसे प्रशासन को हल करना चाहिए. 

Lokhandi

लोखंडी निवासी बीएस राणा ने कहा कि पिछले दिनों रोड बंद होने के कारण एक 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी. क्षेत्र में बिजली, पानी, संचार और आवागमन ठप होने से दिक्कते बढ़ रही है. खासकर लोखंडी के आगे दर्जनों गांवोंमें अभी तक प्रशासन की कोई टीम नहीं पहुंची. 

15 सालों का बर्फबारी के रिकॉर्ड इस बार टूटा
देहरादून के चकराता, त्यूणी, लोखंडी, कोटी कानासर, बुधेर क्षेत्र में करीब 15 सालों के बाद इतनी बर्फबारी हुई है. चकराता और त्यूणी तहसील के करीब 45 से अधिक गांव बर्फ की आगोश में है. ग्रामीणों को भी इसका अंदाजा नहीं था. इसलिए कई इलाकों में दिक्कते बढ़ गई है. 

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