आजमगढ़ हत्याकांड: प्रिंस यादव की बहन की सहेली थी आराधना, मां-बाप के कहने पर उतारा था मौत के घाट
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आजमगढ़ हत्याकांड: प्रिंस यादव की बहन की सहेली थी आराधना, मां-बाप के कहने पर उतारा था मौत के घाट

 Azamgarh Hatyakand: आजमगढ़ हत्याकांड में पुलिस ने प्रिंस यादव की मामी और माता पिता को गिरफ्तार कर लिया है....

आजमगढ़ हत्याकांड: प्रिंस यादव की बहन की सहेली थी आराधना, मां-बाप के कहने पर उतारा था मौत के घाट

वेदेंद्र शर्मा/आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के थाना अहरौला में युवती आराधना प्रजापति की जघन्य हत्याकांड के 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में मुख्य आरोपी प्रिंस यादव को पुलिस ने पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने प्रिंस यादव के माता-पिता और ममा-मामी को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल तालाब से मृतका का कटा हुआ सिर व एक लकड़ी का बोटा बरामद कर लिया है. 

क्या है पूरा मामला? 
गौरतलब है रि 15 नवंबर को पश्चिम पट्टी गौरी का पुरा रोड के किनारे कुएं में एक युवती की क्षत विक्षत लाश मिली थी. इसकी सूचना ग्राम प्रहरी और राम नयन द्वारा थाना अहरौला में दी गई. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिये भेजा दी. युवती के शव से सिर गायब था. साथ ही हाथ पैर अलग-अलग थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने 5 टीमों का गठन किया था. जिसकी प्रतिदिन समीक्षा पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी. जांच के दौरान केदार प्रजापति व उनके घर वालों द्वारा शव के हाथ में रक्षा व काला धागा, कंगन, नेलपालिश देखकर आंशिक रुप से पहचान किया गया था, लेकिन चेहरा न होने के कारण मृतका के परिजन आश्वस्त नहीं हुए. इसके बाद मोबाइल के सीडीआर विश्लेषण के बाद पुलिस टीम को शक हुआ कि यह डेड बाडी उस युवती के होने की प्रबल सम्भावना है. इसी क्रम में पुलिस ने गायब लड़की के प्रेमी की तलाश शुरू कर दी. इस दौरान प्रेमी का मोबाइल बंद था. इसके बाद पुलिस को प्रेमी पर शक हुआ. 

पुलिस द्वारा 19 नवंबर को देर शाम थाना प्रभारी अहरौला, सर्विलांस व स्वाट की संयुक्त टीम ने आरोपी प्रिस यादव निवासी कठही थाना अहरौला को  गिरफ्तार कर लिया. आरोपी की की निशानदेही पर घटनास्थल तालाब से मृतका का कटा हुआ सिर व एक लकड़ी का बोटा बरामद किया गया. गन्नें के खेत के पास बरामदगी के दौरान आरोपी द्वारा पूर्व में हत्या के दौरान फेके गये 315 बोर के तमंचे को उठाकर पुलिस टीम पर फायर किया गया. जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी और प्रिंस यादव घायल हो गया. 

क्या है पूरी कहानी 
इस घटना में फरार चल रहे आठ आरोपियों में से  6 को मुखबीर की सूचना केदारपुर पुलिया से पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें प्रमिला यादव, मन्जू यादव, शीला यादव, सुमन पत्नी बृजेश, कमलावती व राजाराम को गिरफ्तार किया गया है.इस हत्याकांड में 5 महिला समेत कुल 6 आरोपियों की भूमिका रही. मुख्य आरोपी प्रिंस के माता पिता पर प्रमिका की हत्या करने के लिए उकसाने का आरोप है. प्रेमिका की हत्या से पहले उन्होंने प्रिस से कहा था कि आराधना से जाकर बात कर लो अगर वह साथ में रहने को मान जाती है तो ठीक है नहीं तो उसे रास्ते से ही हटा दो. नहीं तो जिन्दगी भर हमें और तुम्हे परेशान करेगी. सुमन पत्नी बृजेश निवासी असरफपुर थाना अहरौला जो कि मुख्य आरोपी के मामा की बहू थी. आरोपी का इससे अवैध सम्बन्ध था. इस वजह से सुमन भी मृतका को अपने रास्ते से हटाना चाहती थी.इसीलिये हत्या में आरोपी का सहयोग कर रही थी. हत्या की पूरी जानकारी सुमन को प्रिंस ने दी थी.

हत्या के बाद मामी के घर छिपा था प्रिंस यादव 
मन्जू यादव मृतका आराधना की सहेली थी. इसी के माध्यम से मृतका आराधना और प्रिंस की मुलाकात हुई थी. यह भी चाहती थी कि दोनों के संबंध बने रहे और एक साथ रहे. मृतका द्वारा प्रिंस के साथ रहने से मना करने पर रास्ते से हटाने की बात को लेकर यह भी सहमत थी. कमलावती निवासी तोवा थाना निजामाबाद जो प्रिंस की मामी है. उन्होंने प्रिंस को घटना के बाद अपने घर पर छुपने के लिये शरण दी थी. शीला यादव निवासी असरफपुर थाना कप्तानगंज जो आरोपी की मामी है. उन्होंने प्रिंस व सर्वेश को दो दिन तक अपने घर में छिपाये रखा था. 

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