लखनऊ: अब इस केस में मुख्तार अंसारी की बढ़ी मुश्किलें, दाखिल हुई चार्जशीट
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लखनऊ: अब इस केस में मुख्तार अंसारी की बढ़ी मुश्किलें, दाखिल हुई चार्जशीट

बाहुबली मुख्तार अंसारी समेत उनके दोनों बेटों के अब्बास और उमर के खिलाफ भी फर्जी कागजातों से जमीन पर कब्जा करने और आपराधिक साजिश रच अवैध निर्माण करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

लखनऊ: अब इस केस में मुख्तार अंसारी की बढ़ी मुश्किलें, दाखिल हुई चार्जशीट

लखनऊ: बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की मश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इसके साथ ही उनके परिवार वालों पर भी कानून का फंदा कसता हुआ नजर आ रहा है. मुख्तार अंसारी के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मामले की कार्यवाही शुरु कर दी है. धोखाधड़ी के इस पू्रे मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी. 

पिछली बार की तरह इस बार भी आरोपी मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश भी किया गया. बाहुबली मुख्तार अंसारी समेत उनके दोनों बेटों के अब्बास और उमर के खिलाफ भी फर्जी कागजातों से जमीन पर कब्जा करने और आपराधिक साजिश रच अवैध निर्माण करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी.

क्या है पूरा मामला
हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार लखनऊ के जियामऊ इलाके की एक निष्क्रान्त जमीन पर फर्जी कागजातों के जरिए मुख्तार अंसारी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अवैध रूप से बिल्डिंग का निर्माण कराया था. एफआईआर और चार्जशीट में जिक्र है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश रच कर बिल्डिंग का नक्शा पास कराया और निर्माण कराया, ऐसा करके आरोपियों ने करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान किया और उस जमीन को कब्जा लिया. 

इस मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ पहले ही पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. बता दें कि निष्क्रान्त जमीन पर बनाए गए इस अवैध निर्माण को एलडीए ने ध्वस्त भी कर दिया था. इस ध्वस्तीकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.

इन धराओं में दर्ज हुई थी FIR
बता दें कि  27 अगस्त 2020 को प्रभारी लेखपाल सुरजन लाल ने लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुख्तार अंसारी और उसके दोनों बेटों अब्बास और उमर के खिलाफ फर्जी कागजातों से निष्क्रान्त जमीन पर कब्जा करने और आपराधिक साजिश रच अवैध निर्माण करने की एफआईआर दर्ज कराई थी. ये  एफआईआर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं 420, 467,120 बी,  468 और 471 के साथ सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा में लिखाई गई थी.

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