टिकैत ने खुद ही उखाड़े तंबू: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गाजीपुर बॉर्डर खाली कर रहे आंदोलनरत किसान
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टिकैत ने खुद ही उखाड़े तंबू: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गाजीपुर बॉर्डर खाली कर रहे आंदोलनरत किसान

राकेश टिकैत ने नेशनल हाईवे-24 के दिल्ली-गाजीपुर मुर्गा मंडी की तरफ जाने वाली सर्विस लेन से रुकावटें हटवाते दिखे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते साल नवंबर से राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉडर्र किसान आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है. 

टिकैत ने खुद ही उखाड़े तंबू: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गाजीपुर बॉर्डर खाली कर रहे आंदोलनरत किसान

गाजियाबाद: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनरत किसान गुरुवार को फिर सक्रिय हो गए. आंदोलनकारी किसानों ने गाजियाबाद से गाजीपुर मंडी की ओर जाने वाली सड़क को खोलने की कवायद शुरू कर दी है. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली पुलिस की बैरिकेड से पहले लगे किसानों के टेंट को खुद हटाना शुरू किया. राकेश टिकैत का कहना है कि दिल्ली पुलिस अपने बैरिकेड और टेंट हटाएगी तो रास्ता साफ हो जाएगा. हमने अपनी तरफ की रुकावटें दूर कर दी हैं.

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राकेश टिकैत ने नेशनल हाईवे-24 के दिल्ली-गाजीपुर मुर्गा मंडी की तरफ जाने वाली सर्विस लेन से रुकावटें हटवाते दिखे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते साल नवंबर से राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉडर्र किसान आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा है. इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन लालकिले पर किसानों के उत्पात मचाने के बाद ऐसी स्थिति बनी थी कि लगा गाजीपुर बॉर्डर सरकार खाली करवाएगी. हजारों की संख्या में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व बलों की तैनाती हो गई थी. लेकिन राकेश टिकैत के आंसुओं ने हालात बदल दिए. पश्चिमी यूपी से भारतीय किसान यूनियन समर्थक किसानों का जत्था गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गया. सरकार  ने बल प्रयोग नहीं किया और यह सड़क आज भी जाम है.

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सड़कें जाम होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने तल्ख टिप्पणी की.सुप्रीम कोर्ट की दो जजों वाली बेंच की अगुवाई करने वाले जस्टिस एसके कौल ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कहा, ''शिकायत का समाधान न्यायिक रूप से, प्रदर्शन अथवा संसदीय बहस से किया जा सकता है. लेकिन राजमार्ग को हमेशा के लिए कैसे बंद किया जा सकता है? यह कहां खत्म होगा? यद्यपि किसानों को प्रदर्शन करने का अधिकार है लेकिन वे अनिश्चितकाल तक सड़क पर आवागमन रोक कर नहीं रख सकते.'' 

सुप्रीम कोर्ट ने क्या की टिप्पणी
शीर्ष अदालत ने सड़क से​ आंदोलनरत किसानों को हटाए जाने की मांग वाली अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा को चार सप्ताह का समय दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने जवाब में कहा कि यदि उसे जंतर-मंतर अथवा रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की इजाजत मिलती है तो वह सड़क पर अपना अवरोध खत्म कर देगा. वहीं, गाजीपुर बॉर्डर पर सड़क जाम कर बैठे भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अब ​हम दिल्ली जाएंगे, संसद के सामने ​धरना देंगे.

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