Agra News: आगरा का कांस्टेबल बना लेफ्टिनेंट: जानें कैसे आखिरी प्रयास में सेना में अधिकारी बनने का सपना किया पूरा
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Agra News: आगरा का कांस्टेबल बना लेफ्टिनेंट: जानें कैसे आखिरी प्रयास में सेना में अधिकारी बनने का सपना किया पूरा

Agra News: लक्ष्य के साथ अगर उसे पूरा करने के लिए लगन पक्की है तो सफलता जरूर मिलती है.....ऐसा ही कर दिखाया AGRA छत्ता थाने के सिपाही विमल कुमार ने.. पुलिस विभाग की नौकरी करते हुए उन्होंने तीसरे प्रयास में सीडीएस परीक्षा पास की और लेफ्टिनेंट पद पर सिलेक्ट हुए हैं...

Agra News: आगरा का कांस्टेबल बना लेफ्टिनेंट: जानें कैसे आखिरी प्रयास में सेना में अधिकारी बनने का सपना किया पूरा

मनीष कुमार गुप्ता/आगरा: अगर जिंदगी में कुछ हासिल करना चाहते हैं तो उसकी पा सकते हैं, अगर इरादे पक्के हैं तो...ऐसा ही कर दिखाया छत्ता थाने के सिपाही विमल कुमार ने. पुलिस विभाग की नौकरी करते हुए उन्होंने तीसरे प्रयास में सीडीएस परीक्षा पास की और लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हो गए. इस सफलता को वह अपने बड़ों का आशीर्वाद मानते हैं.  पिता से उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिली ,क्योंकि विमल के पिता भी सेना में थे.

उत्तर प्रदेश के आगरा में सिपाही विमल कुमार अब सेना में लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करेंगे. सिपाही फिलहाल विमल थाना छत्ता में तैनात हैं. उन्‍होंने पुलिस सेवा में रहते हुए CDS परीक्षा की तैयारी की और एग्‍जाम क्रैक भी किया. CDS परीक्षा पास करने के बाद विमल जोश, जुनून और जज्बे की मिसाल बनकर सबके सामने खड़े हो गए हैं.

लेफ्टिनेंट के लिए हुआ चयन
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (1) (यूपीएससी सीडीएस) आयोजित होती है. सिपाही विमल कुमार के चयन पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने उत्साह बढ़ाया. विमल कुमार मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र स्थित करौदा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने बीए पास किया है. वर्ष 2021 में उनका चयन पुलिस विभाग में आरक्षी पद पर हुआ था. वह आगरा के थाना छत्ता में ड्यूटी कर रहे हैं. निरीक्षक शेर सिंह उनकी लगन और मेहनत की सराहना की है. उनके पिता धर्मेंद्र कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं, वह सेना में नायक थे. पिता से ही उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिली थी. अब उनका चयन लेफ्टिनेंट के लिए हुआ है.

ड्यूटी पूरी करने के बाद करते थे पढ़ाई
विमल कुमार ने बताया कि जब वह पुलिस की ट्रेनिंग के लिए निकले थे, तभी पिता ने कहा था कि तैयारी जारी रखना. दो बार पहले सीडीएस और एनडीए की परीक्षा दे चुके थे. चयन नहीं होने पर भी हार नहीं मानी. उनका कहना है कि डिवीजन चौकी पर ड्यूटी के बाद के समय में पढ़ाई करते थे. उनके चयन पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा है.

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