उत्तराखंड: रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस

रसोई गैस के दाम बढ़ने से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर जिला मुख्यालय में केन्द्र सरकार का पुतला फूंका. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को लाभ देने के लिये केन्द्र सरकार जानबूझ कर महंगाई बढ़ा रही है.

उत्तराखंड: रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस
केन्द्र सरकार के खिलाफ कांग्रसियों ने जमकर की नारेबाजी

बागेश्वर: रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी ने देश की आम जनता पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ा दिया है. एक तरफ देश में जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है, दूसरी तरफ रसोई गैस की बढ़ती कीमत ने घर के बजट को हिलाकर रख दिया है. इसी बात का फायदा उठाते हुए अब विपक्ष ने सरकार को घेरे में ले लिया है.

रसोई गैस के दाम बढ़ने से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर जिला मुख्यालय में केन्द्र सरकार का पुतला फूंका. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को लाभ देने के लिये केन्द्र सरकार जानबूझ कर महंगाई बढ़ा रही है.

बागेश्वर के मुख्य मोटर मार्ग एसबीआई तिराहे पर केन्द्र सरकार का पुतला फूंकते हुए कांग्रसियों ने जनारेबामकर जी की. जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में केन्द्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाये गये. साथ ही कहा कि जो सरकार देश की गरीब जनता को सस्ता अनाज और सस्ता चूल्हा नहीं दे सकती ऐसी सरकार नहीं चाहिये. 

कांग्रेस ने केन्द्र सरकार से जल्द रसोई गैस की कीमतों को वापस कम करने की मांग की है. 
महिला कांग्रेस कमेटी की जिला अध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि, कांग्रेस के शासनकाल में जरूरी चीजों और मूलभूत वस्तुओं की कीमतें कम थी लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही महंगाई बढ़ानी शुरू कर दी. वहीं प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लोकमणि पाठक ने भाजपा पर उनके राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी पर विरोध जताया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बारे में किसी भी गलत टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

आपको बता दें कि रसोई गैस की कीमतों में तेल कंपनियों ने भारी बढ़ोतरी की है. कंपनियों ने गैर सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 149 रुपये की बढ़ोतरी की. गैस उपभोक्ताओं को अब घरेलू सिलेंडर लेने के लिए 925 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. इंडिया ऑयल के अनुसार उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमत पर गैस बुधवार से ही दी जाने लगी है. ऐसे में आमलोगों की पॉकेट पर बड़ी मार पड़ी है.

गैस उपभोक्ताओं को अब 776 रुपये की बजाए 925 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं.  हालांकि उपभोक्ताओं को वर्तमान में करीब 341 रुपये सब्सिडी मिल रही है. बताया जा रहा है कि कंपनी के द्वारा पांच सालों में की गयी सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी में से ये एक है. गैस की कीमत बढ़ने से मध्य वर्ग और निम्न वर्ग परिवार को सबसे बड़ा झटका लगा है.

रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी का कारण विश्व बाजार है. मगर इसका नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ रहा है. बुधवार को गैस लेने आने वाले लोगों में काफी निराशा दिख रही थी. वैसे महंगाई की मार से किचन का बजट खराब हो रहा था. अब रसोई गैस की कीमत में 149 रुपये सरकार ने बढ़ा दिया.

दिल्ली में 14 किलो के इंडेन गैस सिलेंडर की कीमत 144.50 रुपये की तेजी के साथ 858.50 रुपये हो गई है. वहीं अन्य कई राज्यों में ग्राहकों को 149 रुपये ज्यादा चुकाने के बाद 896.00 रुपये में गैस सिलिंडर मिलेगा.

हालांकि अक्टूबर 2019 से लगातार गैस सिलेंडर के दामों में इजाफा हुआ है लेकिन महीने से बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के भाव में इस साल एक जनवरी के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था. ईधन की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियां हर महीने एलपीजी सिलेंडर की कीमत तय करती हैं. इंडियन ऑयल देश में प्रति दिन 30 लाख इंडेन गैस सिलेंडर की सप्लाई करती है. आपको ये भी बतादें कि भारत में रसोई गैस के कुल 27.6 करोड़ यूजर्स हैं, इनमें से करीब दो करोड़ यूजर्स को गैस सब्सिडी नहीं मिलती है.

भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमत दो चीजों पर निर्भर करती है. इसमें पहला है एलपीजी का इंटरनेशनल बेंचमार्क रेट और दूसरा है यूएस डॉलर और रुपये का एक्सचेंज रेट. इन दोनों चीज के भाव में उतार-चढ़ाव की वजह से गैस सिलेंडर के भाव में बदलाव आता है.

1 फरवरी 2020 को पेश हुए आम बजट से पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव 224.98 रुपये बढ़े थे. कमर्शियल गैस सिलेंडर अभी 1550.02 रुपये में मिल रहा है. वहीं केंद्र सरकार की तरफ से फ्यूल सब्सिडी में कटौती करने के बाद ऑयल कंपनियों ने कीमत की जानकारी देना बंद कर दिया है.

संपादन- नेन्सी गौतम