उत्तराखंड के किसान के गेहूं 'नरेंद्र 09' को भारत सरकार ने दी मान्यता, जानें खासियत

नरेंद्र 09 को भारत सरकार द्वारा पेटेंट किए जाने पर पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है. क्योंकि उत्तराखंड में छोटी जोत के किसान हैं. उनके लिए नरेंद्र 09 बीज काफी कारगर साबित हो सकता है.

उत्तराखंड के किसान के गेहूं 'नरेंद्र 09' को भारत सरकार ने दी मान्यता, जानें खासियत

हल्द्वानी: कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने के लिए अब उत्तराखंड का नाम भी जुड़ गया है. नैनीताल जिले के रहने वाले प्रगतिशील किसान नरेंद्र मेहरा ने गेहूं का बीज विकसित किया है जिसको भारत सरकार ने नरेंद्र 09 के नाम से पेटेंट कर लिया है. नरेंद्र 09 की खासियत यह है कि इसके बीज से ज्यादा प्रोडक्शन लिया जा सकता है , जहां गेहूं की सामान्य बाली में 50 से 60 तक दाने होते हैं वहीं नरेंद्र 09 में 90 से 95 तक बीज पाए गये हैं.

नरेंद्र 09 को भारत सरकार द्वारा पेटेंट किए जाने पर पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है. क्योंकि उत्तराखंड में छोटी जोत के किसान हैं. उनके लिए नरेंद्र 09 बीज काफी कारगर साबित हो सकता है और यह बीज पूरी तरह से जैविक भी है. कम लागत में किसानों को ज्यादा उत्पादन देने वाला है. 

शुरुआती दौर में परीक्षण के लिए बोया गया 
सन 2009 में किसान नरेंद्र मेहरा को अपने गेहूं के खेत में अलग तरह का गेहूं का पौधा दिखाई दिया जिसे उन्होंने संचित कर उस पर परीक्षण शुरू किया और उसका बीज तैयार किया. शुरुआती दौर में नरेंद्र 09 गेहूं कोअन्य किसानों के खेतों में परीक्षण के तौर पर गेहूं बोया गया और उसकी विशेषताओं को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट के सहयोग से जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में परीक्षण के तौर पर बोया गया.

12 साल बाद मेहनत लाई रंग 
निदेशक रिसर्च के आदेश पर नरेंद्र 09 गेहूं को कृषि अनुसंधान केंद्र मझेड़ा जनपद नैनीताल एवं कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालदम चमोली में बोया गया. जहां से सकारात्मक परिणाम पाए गए. वर्ष 2017 में बीज को किसान के नाम पेटेंट कराने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट के प्रभारी डॉ. विजय कुमार दोहरे ने पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण भारत सरकार को बीज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धी 
भारत सरकार ने साढ़े 4 साल बाद गेहूं की किस्म नरेंद्र 09 को किसान के नाम रजिस्टर्ड कर दिया. यह प्रदेश, कृषि विभाग एवं किसान नरेंद्र के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है.  कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलीकोट के प्रभारी कृषि वैज्ञानिक डॉ विजय कुमार दोहरे ने नरेंद्र मेहरा को सर्टिफिकेट प्रदान किया, प्रगतिशील किसान नरेंद्र  का मानना है कि नरेंद्र नाइन गेहूं का बीज किसानों की आय को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा.

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