Smoking Can Speed Up Aging Process: सिटरेट पीने को लेकर हमें बार-बार मना किया जाता है, लेकिन बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस लत के शिकार हो रहे हैं. सिगरेट में मौजूद तंबाकू में निकोटिन (Nicotine) नाम कैमिकल पाया जाता है, जो दिमाग को सुकून देता है, लेकिन ये राहत थोड़ी देर के लिए मिलती है, फिर इसी की चाहत में आप दूसरी सिगरेट पीते हैं, फिर धीरे-धीरे ये आदत का रूप ले लेती है. इससे फिजिकल और मेंटल चेंजेज आने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपकी एजिंग के प्रोसेस को भी बढ़ा सकता है?


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स्मोकिंग से तेज होता है बढ़ती उम्र का असर


इटली (Italy) के मिलान (Milan) शहर में में यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी इंटरनेशनल कांग्रेस (European Respiratory Society International Congress) में पेश की गई स्टडी से से पता चला कि स्मोकिंग (Smoking) हमारी इम्यून सिस्टम (Immune System) से जुड़े व्हाइट ब्लड सेल्स (White Blood Cells) के क्रोमोजोम्स (Chromosomes) के आखिरी टुकड़ों (End Fragments) को छोटा कर देता है. इन आखिरी टुकड़ों की लंबाई, जिन्हें टेलोमेरेस (Telomeres) कहा जाता है, इस बात का इस बात का इशारा देते हैं कि हम कितनी जल्दी बूढ़े हो जाते हैं और हमारी कोशिकाओं की मरम्मत और पुनर्जीवित होने की क्षमता कितनी है.


चीन में हांगझू नॉर्मल यूनिवर्सिटी (Hangzhou Normal University in China) में स्कूल ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन (School of Clinical Medicine) में असिस्टेंट प्रोफेसर सियू दाई (Siyu Dai) ने कहा, 'हमारे अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान की स्थिति और सिगरेट की मात्रा के परिणामस्वरूप ल्यूकोसाइट टेलोमेर की लंबाई कम हो सकती है, जो टिश्यूज की स्व-मरम्मत, पुनर्जनन और उम्र बढ़ने का एक संकेतक है. दूसरे शब्दों में, स्मोकिंग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जबकि इस लत को छोड़ने से जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है.'


हर बार जब कोई कोशिका विभाजित होती हैं, तो टेलोमेर थोड़े छोटे हो जाते हैं, आखिर में ये इतने छोटे हो जाते हैं कि कोशिका कामयाब तरीके से डिवाइड नहीं हो पाती और वह मर जाती है. ये उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है. व्हाइट ब्लड सेल्स जिन्हें ल्यूकोसाइट्स (leukocytes) कहा जाता है. इसमें टेलोमेयर की लंबाई को पहले धूम्रपान से जोड़ा गया है, लेकिन, अब तक, इस बात पर बहुत कम रिसर्च हुआ है कि क्या  स्मोक की गई सिगरेट की मात्रा वास्तव में टेलोमेयर की लंबाई में कमी का कारण बनी.


प्रोफेसर सियू दाई ने कहा, स्मोकिंग से ल्यूकोसाइट टेलोमेयर की लंबाई कम हो सकती है, और जितनी ज्यादा सिगरेट पी जाएगी, असर उतना गहरा होगा,  हमारी स्टडी से इस बात के सबूत मिलता है कि स्मोकिंग उम्र बढ़ने का कारण बनता है. चूंकि धूम्रपान बंद करने के जाहिर तौर से स्वास्थ्य लाभ हैं, इसलिए अगली पीढ़ी के लिए धूम्रपान मुक्त वातावरण बनाने में हमारी मदद करने के लिए डेली क्लीनिकल मैनेजमें में स्मोकिंग बंद करने के समर्थन के साथ-साथ इलाज को भी शामिल करने का वक्त आ गया है.


(Disclaimer:प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मक़सद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.)