Hair transplant and baldness treatment: क्या आप जब भी बालों में कंघा करते हैं या आईने में अपना हेयर स्टाइल चेक करते हैं, तो क्या ये सोचते हैं कि मैं गंजा हो रहा हूं. अगर ऐसा है तो ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं है. लेकिन ये भी सच है कि बेहतर लुक्स के लिए हेयर ट्रांसप्लांट आज एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर उभरा है. हेयर ट्रांसप्लांट एक कॉस्मेटिक प्रोसीजर जरुर है लेकिन ये प्रोसीजर बहुत सावधानी से और मरीज को बेहोश करके ही किया जा सकता है. किसी भी दूसरी सर्जरी की तरह इस सर्जरी में भी तमाम सावधानियां बरतने के बावजूद कॉंप्लिकेशंस होने का खतरा बना रहता है. इसीलिए अगर आप भी घने बालों के लिए हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में सोच रहे हैं तो आज आपको हमारी ये रिपोर्ट बड़े ध्यान से पढ़नी चाहिए.


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ब्यूटी नहीं  सर्जरी
हेयर ट्रांसप्लांट यानी बाल उगाने का कारोबार ब्यूटी का ज़रुर लगता है लेकिन ये एक सर्जिकल प्रोसीजर है. इसलिए अगर आप बाल उगाने के बारे में सोच रहे हों तो पहले ये समझिए कि ये सर्जरी जैसा ही काम है. यह एक लंबी प्रक्रिया है और संवेदनशील भी. हेयर ट्रांसप्लाट में आम तौर पर मरीज के सिर के ही पीछे के बाल लिए जाते हैं और आगे लगा दिए जाते हैं. सिर पर बाल ना हों तो दाढ़ी या स्किन से बाल लिए जा सकते हैं. एक बाल लगाने का खर्च 40 रुपए से 100 रुपए तक आ सकता है. आमतौर पर एक शख्स को 2 से 3 हज़ार बाल लगाने पड़ सकते हैं. लेकिन ट्रांसप्लांट से पहले ये तय करना होता है कि किस हिस्से में बाल लगाने की ज़रुरत है. 


Hair Transplant से बचकर रहें ये लोग
ट्रांसप्लांट के नतीजे दिखने में 6 महीने से एक साल तक लग सकता है. इसके बाद बालों की देखभाल भी जरुरी है. अब ये भी जान लीजिए कि किन-किन लोगों को हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करवाना चाहिए. डायबिटीज के मरीज को हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करवाना चाहिए. हाई बीपी के मरीज व्यक्ति को भी हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. एलर्जी की दवा लेने वाले मरीजों को हेयर ट्रांसप्लांट नहीं करवाना चाहिए.


दरअसल इस सर्जरी के बाद मरीज को जख्म सूखने की कई दवाएं भी दी जाती हैं. ये दवाएं एलर्जी के मरीज के लिए खतरनाक हो सकती हैं. या ऐसे मरीज जिन्हें पेसमेकर लगा है या अन्य कोई आर्टिफिशियल उपकरण लगा है, इन्हें भी हेयर ट्रांसप्लांट का रिस्क लेने से बचना चाहिए. इस ऑपरेशन के दौरान दिया जाने वाला एनेस्थीसिया और ग्राफ्टिंग की प्रक्रिया ह्रदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.


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