Working Hours: इंफोसिस के फाउंडर नारायणमूर्ति ने भारत के युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने की सलाह दी है, ताकि देश को और तेजी से तरक्की के रास्ते पर लाया जा सके. नारायण मूर्ति की इस सलाह के सोशल मीडिया पर वर्किंग आवर्स को लेकर बहस तेज हो गई है. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कोई 7 दिन में 70 घंटे कैसे काम कर सकता है? उनके इस स्टेटमेंट से पेशेवर दो धड़ों में बंट गए हैं, जहां कोई उनकी बात से सहमत हैं तो कोई पूरी तरह असहमत. वहीं, इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचा हुआ है. 


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कम वर्किंग आवर
जहां लोगों का मानना है कि अब सप्ताह में काम से तीन दिन का ऑफ मिलना चाहिए, ऐसे में नारायण मूर्ति की इस नसीहत पर देश भर में बहस छिड़ गई है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं उन देशों के बारे में जहां लोग हफ्ते में केवल 29 घंटे ही काम करते हैं. दुनियाभर में ऐसे वर्क कल्चर की तारीफ भी होती है. आइए जानते हैं इन देशों के बारे में... 


दरअसल, देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी के फाउंडर नारायण मूर्ति ने यह सुझाव दिया है, "विकसित देशों से कंधा मिलने के लिए भारत के युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने की जरूरत है."


महज इतने घंटे करते हैं काम
इस लिस्ट में सबसे पहले नाम नीदरलैंड का आता है. यहां लोग हफ्ते में केवल 29 घंटे यानी हफ्ते में औसतन महज 4 दिन काम करते हैं. यहां की ज्यादातर कंपनियां और सरकारी संस्थान भी इस फॉर्मूले के तहत संचालित किए जा रहे हैं. हालांकि,  जानकारी के मुताबिक इस वर्क कल्चर को लेकर यहां कोई कानून नहीं बना है, लेकिन फिर भी यहां इस रूल को फॉलो किया जाता है.


ये देश भी शामिल है इस लिस्ट में
इस लिस्ट में दूसरा नंबर पर डेनमार्क है, जहां पर लोग औसतन सप्ताह में महज 33 घंटे प्रोफेशनल वर्क को देते हैं. हैरत की बात यह है कि यहां भी कम काम करने को लेकर ऐसा कोई कानून नहीं बना है, लेकिन ज्यादातर लोग हफ्ते में 4 दिन ही ऑफिस जाते हैं.


बेल्जियम ने भी हफ्ते में चार दिन काम करने का रूल फॉलो किया जाता है. यहां लोगों को रोजाना 10 घंटे काम करना पड़ता है. इस रूल के मुताबिक अगर आप 4 दिन 10 घंटे काम करते हैं तो आपको तीन दिन का वीक ऑफ मिलता है.