इस्‍लामाबाद: पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के मद्देनजर पाकिस्तान ने भारत स्थित अपने उच्चायुक्त को ‘सलाह मशविरा करने के लिए’ वापस बुला लिया है. अधिकारियों ने यहां सोमवार को यह जानकारी दी. वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां बताया कि पाकिस्तान ने सलाह मशविरा करने के लिये सोमवार को भारत से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया. पुलवामा हमले के मद्देनजर पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसरिया को भी विचार विमर्श के लिये नई दिल्ली वापस बुलाया गया है. पिछले बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के लिये भारत ने पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया है.


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इससे पहले भारत स्थित पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद को शुक्रवार को नई दिल्ली में विदेश सचिव विजय गोखले ने तलब किया था और पुलवामा की घटना में 40 सीआरपीएफ जवानों के मारे जाने पर महमूद के समक्ष कड़ा विरोध जताया था. विदेश सचिव ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त से कहा था कि पाकिस्तान जैश ए मोहम्मद के खिलाफ तत्काल एवं प्रमाणिक कार्रवाई करें. उन्होंने उनसे कहा कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले संगठनों एवं लोगों को तत्काल रोके.


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इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़े कूटनीतिक अभियान के तहत भारत ने आतंकवाद को राजकीय नीति के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने में पाकिस्तान की भूमिका को जोर-शोर से सामने रखने के लिए पी 5 देशों- अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस समेत 25 देशों के दूतों के साथ एक ब्रीफिंग की.



इस हमले के आलोक में पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने का निश्चय करने के बाद सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संपर्क करने का कदम उठाया. ज्यादातर देशों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित पाकिस्तान के जैश ए मोहम्मद संगठन के इस हमले की स्पष्ट तौर पर निंदा की है. चीन ने जैश ए मोहम्मद द्वारा पुलवामा में किये गये इस हमले पर गहरा दुख प्रकट किया लेकिन उसने भारत को यह आश्वासन नहीं दिया कि वह इस संगठन के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादियों की सूची में डालने में भारत की अपील का समर्थन करेगा.


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दुनियाभर से कई देशों ने इस हमले की निंदा की है. अमेरिका, ब्रिटेन, रुस और फ्रांस ने कहा कि वे दुख की इस घड़ी में भारत के साथ हैं. इस हमले की निंदा करते हुए रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस हमले के षड़यंत्रकारियों को इंसाफ के कठघरे में लाया जाना चाहिए. उन्होंने भारत के साथ आतंकवाद निरोधक सहयोग और मजबूत करने के प्रति अपने देश का सहयोग दोहराया.


(इनपुट: एजेंसी भाषा)