सेना ने पुलवामा हमले का लिया बदला, मास्टरमाइंड कामरान और गाजी ढेर

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी मारा गया है. 

सेना ने पुलवामा हमले का लिया बदला, मास्टरमाइंड कामरान और गाजी ढेर
जैश ए मोहम्मद का आतंकी कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी ने पुलवामा हमले की ग्राउंड प्लानिंग की थी.
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श्रीनगर: पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी मारा गया है. सोमवार को पुलवामा में ही सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में दोनों खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया है. सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कामरान और राशिद गाजी के मरने की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 

इस मुठभेड़ में एक नागरिक की भी मौत हो गई है. मुठभेड़ जिस जगह हुई वह कुछ दिनों पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के स्थान से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर ही है.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, 'मारे गए जेईएम आतंकवादियों में एक शीर्ष कमांडर है जो पाकिस्तान का रहने वाला है.' पिंगलेना गांव में हुई मुठभेड़ में मेजर के अलावा तीन जवान भी शहीद हुए हैं और नागरिक की भी मौत हुई है, जिसकी पहचान मुश्ताक अहमद के रूप में हुई है.

पाकिस्तान से आए कामरान हिलाल के मारे जाने के साथ ही माना जा रहा है कि भारतीय सुरक्षाबलों ने पुलवामा हमले का थोड़ा बहुत बदला ले लिया है. हालांकि दोनों आतंकियों को मार गिराने में भारतीय सेना के चार जवान भी शहीद हुए हैं.

सूत्रों का कहना है कि कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी को विशेष ट्रेनिंग देने के बाद पाकिस्तान से भारत भेजा गया था. जैश ए मोहम्मद के इन दोनों आतंकवादियों ने मिलकर पुलवामा अटैक को अंजाम देने के लिए ग्राउंड पर पूरी प्लानिंग की थी. बताया जा रहा है कि इन्हीं दोनों ने मिलकर आतंकी आदिल अहमद डार इस तरह से ट्रेंड किया था कि वह विस्फोटक से भरी कार को CRPF की बस से टकरा सके. इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे.

इससे पहले पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है. पुलवामा के निकट अवंतीपुरा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये. 

पुलिस ने आत्मघाती हमले की योजना से जुड़े होने के संदेह में इन युवकों को पुलवामा और अवंतीपुरा से हिरासत में लिया. अपनी तरह के इस पहले आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ने विस्फोटक से लदे वाहन को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था. 

संघीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने विस्फोटक और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्राइम सीन (अपराध के दृश्य) के फोरेंसिक मूल्यांकन के लिए आवश्यक सामग्री एकत्र की. टीम, अपराध के दृश्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शनिवार को भी सामग्री जुटाने का काम करेगी. विश्लेषण समाप्त होने के बाद ही परिणाम का पता चल पाएगा. 

ऐसा माना जाता है कि इस पूरे हमले की योजना एक पाकिस्तानी नागरिक कामरान ने बनाई थी जो जैश ए मोहम्मद का सदस्य था. कामरान, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अवंतीपुरा तथा त्राल इलाके में सक्रिय था.

फिदायीन(आत्मघाती हमलावर) की पहचान आदिल अहमद के रूप में की गयी है. वह पुलवामा के काकापुरा इलाके का निवासी आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था. प्रारंभिक जांच के अनुसार दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके के मिदूरा में आतंकी हमले की योजना बनायी गयी. पुलिस, जैश के एक अन्य स्थानीय सक्रिय सदस्य की तलाश कर रही है जो विस्फोटकों की व्यवस्था में मददगार बना.

इनपुट: मनीष शुक्ला