ढाका : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को फाइनल मैच में मलेशिया को मात देकर हीरो एशिया कप-2017 का खिताब अपने नाम किया. मौलाना भाशानी नेशनल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशिया को 2-1 से मात दी. पाकिस्तान ने रविवार को ही खेले गए मैच में दक्षिण कोरिया को 6-3 से मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया. भारतीय टीम ने तीसरी बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है. इससे पहले, उसने 2003 में कुआलालम्पुर और 2007 में चेन्नई में इस टूर्नामेंट को जीता था.


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भारतीय जूनियर टीम ने शुरूआती मैच में जापान को 3-2 से हराया


भारत ने फाइनल मैच की शुरुआत अच्छी की. तीसरे ही मिनट में एस.वी. सुनील की ओर से मिले पास को रमनदीप सिंह ने गोल में तब्दील कर टीम का खाता खोला. भारत ने पहले क्वार्टर का समापन 1-0 से किया. इसके बाद दूसरे क्वार्टर में काफी समय तक संघर्ष करने के बाद 29वें मिनट में ललित उपाध्याय ने गोल कर टीम को 2-0 से आगे कर दिया. 


तीसरे क्वार्टर में मलेशिया और भारत के बीच काफी संघर्ष देखा गया. दोनों में से कोई भी टीम इस क्वार्टर में गोल नहीं कर पाई. चौथे क्वार्टर में गोलकीपर आकाश चिकते ने अहम भूमिका निभाई. 


इस क्वार्टर में मलेशिया ने दो बार पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन दोनों ही बार प्रतिद्वंद्वी टीम के गोल करने की उम्मीदों पर आकाश ने पारी फेर दिया और इस प्रकार भारत ने मलेशिया को 2-1 से मात देकर हीरो हॉकी एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया. 


भारत लौटी हॉकी टीम का जमरक एयरपोर्ट पर स्वागत हुआ. 




भारत 10 साल बाद हॉकी एशिया कप चैंपियन बना. गौरतलब है कि दिलप्रीत सिंह के दो जबकि सुखजीत सिंह के एक गोल से भारतीय जूनियर पुरूष हॉकी टीम ने रविवार को ही सुल्तान जोहोर कप के शुरूआती दौर के मुकाबले में जापान को 3-2 से शिकस्त दी. भारत ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत दर्ज की, टीम तीसरे क्वार्टर तक 1-2 से पिछड़ रही थी. दिलप्रीत ने 11वें और 53वें मिनट में जबकि सुखजीत ने 41वें मिनट में गोल दागा. जापान के लिये दोनों गोल कयोहेई ओगावा ने 23वें और 31वें मिनट में किये.