Vladimir Putin North Korea Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिनों की यात्रा पर नॉर्थ कोरिया पहुंच रहे हैं. यूक्रेन को पश्चिमी देशों से मिल रही लगातार मदद के बीच अब पुतिन भी अपनी मदद के लिए साथी देशों का दौरा कर रहे हैं. माना जा रहा है कि किम जोंग उन युद्ध के लिए पुतिन को जरूरी हथियार दे सकते हैं. इस बीच पुतिन का एक 24 साल पुराना वीडियो सामने आया है, जब वो पहली बार उत्तर कोरिया गए थे.


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किम जोंग उन के पिता ने किया था स्वागत


इससे पहले व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) मार्च 2000 में राष्ट्रपति बनने के करीब 4 महीने बाद जुलाई में उत्तर कोरिया के दौरे पर गए थे. उस समय किम जोंग उन (Kim Jong Un) के पिता किम जोंग इल (Kim Jong il) नॉर्थ कोरिया के सर्वोच्च नेता थे और खुद पुतिन का स्वागत किया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में पुतिन के आगमन पर नॉर्थ कोरिया की सड़कों पर लोगों को हुजूम नजर आ रहा है.



अब किम जोंग उन करेंगे पुतिन का स्वागत


रिपोर्ट के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की दो दिवसीय नॉर्थ कोरिया यात्रा की पुष्टि क्रेमलिन ने भी की है और इसे एक 'मैत्रीपूर्ण राजकीय यात्रा' करार दिया है. इस दौरान एयरपोर्ट पर नॉर्थ कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन (Kim Jong Un) खुद राजधानी प्योंगयांग में सुनान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुतिन का स्वागत करेंगे.


रूस-नॉर्थ कोरिया के बीच हो सकती है बड़ी डील


कयास लगाए जा रहे हैं कि व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की यात्रा के दौरान किम जोंग उन (Kim Jong Un) रूस को जरूरी हथियार दे सकते हैं. इसके बदले में पुतिन, किम जोंग को आर्थिक सहायता और तकनीकी मदद दे सकते हैं. इसको लेकर दोनों नेताओं के बीच डील हो सकती है. रूस और यूक्रेन के बी युद्ध शुरू होने के बाद से रूस का नॉर्थ कोरिया से सैन्य और आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ा है. ऐसे में युद्ध में यूक्रेन के अब तक जमे रहने की जह से रूस को और ज्यादा हथियारों की जरूरत है.


पिछले साल हुई थी पुतिन-किम की मुलाकात


किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने पिछले साल सितंबर में व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के साथ बैठक के लिए रूस का दौरा किया था, जो 2019 के बाद उनकी पहली मुलाकात थी. दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने उत्तर कोरिया पर यूक्रेन में लड़ाई को लंबा खींचने में मदद करने के लिए संभवतः प्रमुख सैन्य प्रौद्योगिकियों और सहायता के बदले में रूस को तोपखाने, मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण प्रदान करने का आरोप लगाया है.