नई दिल्ली: Kalki Dham Mandir: कल्कि धाम मंदिर की पीएम मोदी ने आधारशिला रख दी है. कल्कि को भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि जब कलयुग अपने अंतिम चरण पर होगा, तब भगवान विष्णु कल्कि के अवतार में धरती पर प्रकट होंगे. उनके कल्कि अवतार का लक्ष्य धरती पर हो रही क्षति को रोकना है. 


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कलयुग समाप्त होगा
ऐसा माना जाता है भगवान विष्णु का कल्कि अंतिम अवतार है. इसके बाद कलयुग समाप्त हो जाएगा और पुनः सतयुग की शुरुआत होगी. कल्कि को भगवान विष्णु का 10वां अवतार भी माना जाता है. भविष्य पुराण में बताया गया है कि जब कलयुग का अंत होने पर पृथ्वी जलमग्न होगी और आकाश में 12 सूर्य उदय होंगे. 


कैसा होगा कल्कि का स्वरूप?
धार्मिक ग्रंथों में कल्कि के अवतार का वर्णन भी किया गया है. इसके अनुसार कल्कि देवदत्त नामक सफेद घोड़े पर सवार होंगे. हाथों में धनुष और तलवार होगी. वो धरती पर आकर कलि राक्षस का वध करेंगे. ऐसा कहा गया है कल्कि उस वक्त धरती पर आएंगे जब घोर पाप हो रहा होगा. वो आकर पाप को मिटा देंगे और सतयुग की स्थापना करेंगे. 


परशुराम हैं कल्कि के गुरु
भगवान परशुराम को कल्कि अवतार का के गुरु माना जाता है. मान्यता है कि जब तक कल्कि धरती पर अवतार नहीं लेंगे, तब तक परशुराम धरती पर ही रहेंगे. कहां जाता है कि भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं. ऐसा वणर्न किया गया है कि कल्कि भगवान का जन्म विष्णुयशा नामक तपस्वी के यहां पुत्र के रूप में होगा. वर्तमान में यह स्थान उत्तर प्रदेश के संभल गांव में पड़ता है


(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Zee Hindustan इसकी पुष्टि नहीं करता है.)


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