• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 89,987 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,65,799: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 71,106 जबकि अबतक 4,706 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • वित्त मंत्री ने वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद की अध्यक्षता की और घरेलू स्थिति की समीक्षा की
  • वित्त मंत्री ने ‘आधार’ पर आधारित ई-केवाईसी के जरिए ‘तत्काल पैन आवंटन’ की सुविधा का शुभारंभ किया
  • वाणिज्य मंत्री एक्सपोर्टर्स से अधिक प्रतिस्पर्धी होने और दुनिया को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करने का आह्वान किया
  • उपभोक्ता कार्य मंत्री एफसीआई के खाद्यान्न वितरण और खरीद की समीक्षा की
  • कैबिनेट सचिव ने कोविड से सबसे अधिक प्रभावित 13 शहरों की स्थिति की समीक्षा की
  • भारत जुलाई के अंत तक, प्रति दिन 5 लाख स्वदेशी किट का उत्पादन करेगा: अधिकार प्राप्त समूह-1
  • केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने नई दिल्ली में वेबिनार के माध्यम से 45,000 उच्च शिक्षण संस्थाओं के प्रमुखों से बातचीत की
  • रेलवे ने 3,736 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, 50+ लाख प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाया गया

केंद्र सरकार ने की पुणे मॉडल की तारीफ, जल्द कोरोना मुक्त होगा भारत ?

देश में इस समय भीलवाड़ा के बाद पुणे मॉडल की चर्चा हो रही है. केंद्र सरकार ने भी कोरोना से निपटने के लिए पुणे प्रशासन के द्वारा किए शानदार प्रयासों की सराहना की है.

केंद्र सरकार ने की पुणे मॉडल की तारीफ, जल्द कोरोना मुक्त होगा भारत ?

नई दिल्ली: पुणे में कोरोना वायरस से निपटने के शानदार उपायों और प्रबंधन की चर्चा पूरे भारत में हो रही है.  स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए पुणे ने बेहतरीन काम किया है. पुणे ने 35 किलोमीटर के दायरे को चिन्हित करके, उस दायरे में हर घर का कम्युनिटी वर्करों से सर्वे कराया.

इसके बाद जहां संभावित लक्षण मिले, उनको निगरानी में रखा. ये एक बेहतरीन फार्मूला है, जिस पर और भी प्रभावित जिले काम कर सकते हैं. इस फॉर्मूले की तारीफ हो रही है क्योंकि इसके कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं.

भीलवाड़ा का मॉडल भी रहा चर्चित

कोरोना वायरस को समाप्त करने के लिए राजस्थान के भीलवाड़ा में भी इसी तरह काम किया गया था जिसके शानदार परिणाम देखने को मिले और कोरोना के संक्रमण पर कुछ हद तक रोक लगाने में सफलता मिली.

भीलवाड़ा को लॉकडाउन करके घर घर कराया था सर्वे

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पूरे भीलवाड़ा को लॉकडाउन करके घर-घर में सर्वे कर लोगों को चिन्हित किया गया था और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बेहतरीन कदम उठाए गए थे.

 दरअसल इस तरह के किसी भी वायरस का 3 किलोमीटर का एरिया फोकल प्वाइंट होता है और 5 किलोमीटर का दायरा बफर जोन माना जाता है. इसके बाद तय करना होता है कि उस वायरस का किस तरह से इलाके में फैलाव है. इस आधार पर कोई भी एरिया का दायरा तय किया जा सकता है.

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पुणे मॉडल की स्वास्थ्य मंत्रालय ने की तारीफ

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र का पुणे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में था. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पुणे का फार्मूला बेहद काम का साबित हो रहा है. लॉकडाउन के दौरान देश के कई जिले कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं. सरकार के मंत्रालयों की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि ऐसे ही प्रबंध उन सभी जगहों पर किये जायेंगे जहां कोरोना खतरनाक रूप बना रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय को जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद

कल अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि  बीते 24 घंटे में देश में 32 मौतें हुई हैं. मामले अभी भी तेजी से बढ़ रहे हैं लेकिन इनको कंट्रोल करने की दिशा में भी हम लोग तेजी से काम कर रहे हैं. सरकार ने बताया कि अच्छी बात यह है कि आज तक 8 अप्रैल तक 402 लोग ठीक हो कर घर भी जा चुके हैं.

गौरतलब है कि अब तक देश में 25500 वो लोग हैं जो तबलीगी और उनसे मिल चुके हैं. उन सबको आइडेंटीफाई किया गया है और उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है. उन पर  निगरानी रखी जा रही है. देशभर में राज्यों के साथ मिलकर केंद्र कई कदम उठा रहा है. अभी तक दो करोड़ से ज्यादा गरीब लोगों को 3000 करोड़ रुपए की राशि बांटी जा चुकी है.