अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड पर भी लटकी ईडी की तलवार, जानें क्या है मवेशी तस्करी मामला

मवेशी तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड की हिरासत मिली है. आपको पूरा माजरा समझाते हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 7, 2022, 09:03 PM IST
  • अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड की मुश्किल बढ़ी
  • मवेशी तस्करी मामले में ईडी को कामयाबी

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अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड पर भी लटकी ईडी की तलवार, जानें क्या है मवेशी तस्करी मामला

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के बॉडीगार्ड सहगल हुसैन (Sehgal Hossain) को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया.

पहले ही सीबीआई की हिरासत में था बॉडीगार्ड
ईडी के अधिकारियों ने आसनसोल के विशेष सुधार गृह से हुसैन को हिरासत में लिया है, जहां वह पहले से ही सीबीआई की कस्टडी में था. उसे 5 नवंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहना था.

ईडी के तीन वरिष्ठ अधिकारी शुक्रवार को हुसैन की दिल्ली की अदालत से गिरफ्तारी वारंट लेकर यहां पहुंचे. सूत्रों ने कहा कि ईडी की योजना उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की है. अधिकारियों ने कहा कि हुसैन की संपत्ति एक कांस्टेबल के रूप में उनकी आय के अनुपात में नहीं है.

ईडी के अधिकारी ने साझा की बड़ी जानकारी
ईडी के एक अधिकारी ने कहा, सवाल यह है कि क्या उसने वास्तव में ये संपत्ति खरीदी या हुसैन के नाम पर किसी और प्रभावशाली व्यक्ति ने इसे खरीदा. इसलिए, उसे हिरासत में लेना और उससे पूछताछ करना आवश्यक है.

उन्होंने आगे कहा कि पूछताछ के दौरान हुसैन ने अधिकारियों को गुमराह करने का लगातार प्रयास किया था जिसके बारे में दिल्ली में ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है.

ईडी अधिकारियों ने हुसैन को कस्टडी में लिया
इस मामले में मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद ईडी के अधिकारियों ने आसनसोल की अदालत में हुसैन को हिरासत में लेने की मांग की. अदालत से मंजूरी मिलने के बाद, ईडी अधिकारियों ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया. इस बीच शुक्रवार को भी सीबीआई ने कोयला तस्करी मामले में आसनसोल की विशेष अवकाश अदालत में नया आरोपपत्र दाखिल किया है.

इस चार्जशीट में अनुब्रत मंडल का नाम पहली बार पशु तस्करी घोटाले के लाभार्थी के रूप में सामने आया है. चार्जशीट में सीबीआई ने मंडल और उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा भी रेखांकित किया है.

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