मध्य प्रदेश में कैसे बदली सियासी हवा, जानिये आज का पूरा घटनाक्रम

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का गिरना तय हो गया है क्योंकि उनकी पार्टी के 20 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. राज्य में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनेगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ कभी भी अपना इस्तीफा दे सकते हैं.

मध्य प्रदेश में कैसे बदली सियासी हवा, जानिये आज का पूरा घटनाक्रम

भोपाल: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सबसे करीबी साथी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को उसकी हद दिखा दी है. उन्होंने साबित कर दिया कि मध्यप्रदेस की राजनीति में जिस करीके से उन्हें किनारे किया गया उसका बदला वो किसी भी कीमत पर ले सकते हैं. सभी कयासों को दूर करते हुए सिंधिया ने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. अब माना जा रहा है कि वे कभी भी भाजपा का साथ पकड़ सकते हैं और संभव है कि केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री का पद उन्हें दिया जाए.

जानिये आज का का पूरा घटनाक्रम

- ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह अपने घर से गाड़ी चलाते हुए अकेले निकले. 
सिंधिया अपनी कार खुद चलाकर ले गए और गुजरात भवन में अकेले गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.
 इसके बाद अमित शाह की गाड़ी में बैठकर सिंधिया शाह के घर से निकले और अमित शाह ने सिंधिया की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी से कराई.
ज्योतिरादित्य सिंधिया सुबह करीब 10.45 बजे पीएम आवास पहुंचे थे. इसके बाद करीब एक घंटे तक यह बैठक चली.
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देने का ऐलान किया. इस तरह 18 साल तक कांग्रेस में रहने वाले सिंधिया ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया.
 पीएम मोदी के आवास से निकलने के कुछ देर बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर अपना रेजिग्नेशन लेटर ट्विटर पर शेयर कर दिया. गौरतलब है कि ये त्याग पत्र 9 मार्च का था, लेकिन        इसे सार्वजनिक आज ही किया गया.
सिंधिया ने इस इस्तीफे में कहा है कि वे जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं और बीते कुछ समय से कांग्रेस में रहते हुए ऐसा नहीं कर पा रहे थे.
 

 ताजा समाचार मिलने तक भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह के बीच मीटिंग जारी है.

 

इसके बाद अपने खेमे के विधायकों का इस्तीफा दिलवाया

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद सिंधिया का समर्थन करने वाले मध्य प्रदेश कांग्रेस के 19 विधायकों ने राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया है. कांग्रेस के 19 विधायकों ने एक साथ मध्य प्रदेश के राजभवन में इस्तीफा भेजा है. इसके बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनना लगभग तय है.  

कमलनाथ ने बागी मंत्रियों को बर्खास्त करने की सिफारिश की

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से उन मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करने की अपील की जिन्होंने बगावत करते हुए इस्तीफा दे दिया है. इनमें इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर और प्रभुराम चौधरी शामिल है. 

सपा और बसपा विधायकों ने शिवराज से की मुलाकात

इसके बाद सपा और बसपा विधायकों ने भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की. 

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