• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,92,258 और अबतक कुल केस- 8,49,553: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 5,34,621 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 22,674 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 62.78% से बेहतर होकर 62.92% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 19,235 मरीज ठीक हुए
  • कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर लगभग 63% हुई। ठीक हुए मामलों की संख्या, सक्रिय मामलों की संख्या से 2.31 लाख अधिक हुई
  • कर्नाटक ने बेंगलुरु में आरटी पीसीआर टेस्ट के साथ-साथ कोविड-19 एंटीजन टेस्ट भी शुरू किया
  • एमएचआरडी: हर वर्ष शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया जाता है. पंजीकरण कराकर #NAT2020 में भाग लें
  • 11 अप्रैल 2020 से 9 जुलाई 2020 तक विभिन्न राज्यों के 2.83 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया
  • सावधानी और सतर्कता से कोरोना से बचाव मुमकिन है. आइए खुद की और दूसरों की रक्षा के लिए शिष्टाचार के नए तौर-तरीके अपनाएं
  • कोविड-19 से संबंधित मदद, सलाह और उपायों के लिए 24x7 टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करें
  • कोविड मरीजों के साथ दुर्व्यवहार न करें, एक सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाए रखें

मध्य प्रदेश: कांग्रेस सरकार ने खोया बहुमत, लोगों को कमलनाथ के इस्तीफे का इंतजार

मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का गिरना तय हो गया है क्योंकि उनकी पार्टी के 20 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. राज्य में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनेगी.

मध्य प्रदेश: कांग्रेस सरकार ने खोया बहुमत, लोगों को कमलनाथ के इस्तीफे का इंतजार

भोपाल: मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के 20 विधायकों ने कांग्रेस छोड़कर इस्तीफा दे दिया है. इस प्रकार मुख्यमंत्री कमलनाथ को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिये. उन्होंने सरकार चलाने के लिये आवश्यक बहुमत खो दिया है. लोगों के उनके इस्तीफे का इंतजार है. मध्यप्रदेश के सियासी घटनाक्रम में ज़ी हिंदुस्तान की सभी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं. शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रेस कांफ्रेस करके कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ विधायक बिसाहू लाल ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है और उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को अपना नेता मान लिया है.

भाजपा सरकार बनना लगभग तय

 

मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं. दो विधायकों का निधन हो गया है, जिसके चलते विधानसभा की मौजूदा शक्ति 228 हो गई है. 20 विधायकों के इस्तीफे के कारण बहुमत 105 पर है और वर्तमान में भाजपा के पास 107 विधायक हैं. सूत्रों के मुताबिक 17-24 विधायक ऐसे बताए जा रहे हैं जिन्होंने कांग्रेस से बगावत कर ली है. इनमें ज्यादातर विधायक सिंधिया खेमे के हैं. ये विधायक कर्नाटक में हैं और भाजपा को समर्थन दे रहे हैं.

कमलनाथ पर भारी पड़े सिंधिया

 

मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार माने जाने वाले कांग्रेस के 19 विधायकों ने मंगलवार को राज्य के राज्यपाल को अपने इस्तीफे भेज दिए. इसमें छह मंत्री भी शामिल हैं. राजभवन के सूत्रों ने भाषा को यह जानकारी दी. इस प्रकार कमलनाथ की सरकार बच पाना नामुमकिन है. माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया आज शाम भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

इस्तीफा देने वाले विधायक

इन विधायकों में प्रदुम्न सिंह तोमर, रघुराज कंसाना, कमलेश जाटव, रक्षा संत्राव (भांडेर), जजपाल सिंह जज्जी (अशोक नगर), इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट, सुरेश धाकड़ (शिवपुरी), महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपी एस भदौरिया, रणवीर जाटव, गिरराज दंडोतिया, जसवंत जाटव, गोविंद राजपूत, हरदीप डंग, मुन्ना लाल गोयल, ब्रिजेन्द यादव शामिल हैं.  सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस के 7 और विधायक भी बीजेपी के संपर्क में हैं. 

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