बुरके की आड़ में पत्थरबाजी करने वाली इन दंगाईयों को देखिए

देश की राजधानी दिल्ली से कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई सामने आ रही हैं जो वाकई हर किसी के रौंगटे खड़े कर दे. इन तस्वीरों को देखिए, जिसमें दिल्ली में बुरके वाली दंगाईयों ने पत्थरबाजी करती दिखाई दे रही है.

बुरके की आड़ में पत्थरबाजी करने वाली इन दंगाईयों को देखिए

नई दिल्ली: दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में भड़की हिंसा ने फिर दिल्ली को शर्मसार किया है. मजहबी दंगाईयों ने देश की राजधानी दिल्ली में इस कदर आतंक की आग भड़काई कि दिल्ली कांप उठी. लिस को भीड़ की सुरक्षा के लिए लगाया गया था. वहीं पुलिस भीड़ के निशाने पर आ गई. पत्थरबाजी और गोलीबारी से दिल्ली पुलिस का एक जवान शहीद हो गया.

बुरके वाली दंगाईयों ने पत्थरबाजी को बनाया मजहब

आपको कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाते हैं, जो देश की राजधानी दिल्ली में दंगा फैलाने का सबसे बड़ा सबूत है. इसी तरह की पत्थरबाजी ने गोकुलपुरी के एसीपी दफ्तर में तैनात हेड कांस्टेबल रतनलाल को शहीद कर दिया. ऐसी ही दंगाईयों की पत्थरबाजी और गोलीबारी का रतनलाल शिकार हो गए.

पहली तस्वीर

इन दो बुरके वाली दंगाईयों को देखिए हाथों में पत्थर, चेहरे पर आतंकी और दंगाई आक्रोश.

दूसरी तस्वीर

इस दूसरी तस्वीर को देखिए यहां हाथों में पत्थर लिए ये महिला दंगाई भीड़ की मेजबानी कर रही है. सबके अलग-अलग पुलिसवाले टारगेट हैं. सभी अपने टारगेट पर वार करने के लिए बेकरार हुई जा रही हैं

तीसरी तस्वीर

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये बुरके वाली दंगाई महिला ने हाथों में पहली दफा पत्थर उठाया है. बगल वाली महिला उसे पत्थर चलाने के लिए टारगेट की ओर इशारा कर रही है. साफ दिखाई दे रहा है कि किसी ने इसे भड़काया है.

चौथी तस्वीर

चौथी तस्वीर में इस मोहतरमा को गौर से देखिए. बुरका चेहरे से सरक गया है. चेहरा सामने आ गया है. लेकिन इतना बड़ा पत्थर चलाते वक्त इस दंगाई महिला को काफी गुस्सा आया होगा. क्योंकि आम तौर पर इतने बड़े पत्थर को हाथ में उठाने के लिए भी 10 बार सोचना पड़ता है.

दिल्ली पुलिस के 42 साल के हेड कांस्टेबल रतन लाल राजस्थान के सीकर के मूल निवासी थे. वो ऐसे ही दंगे का शिकार हो गए. दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल उनकी भर्ती 1998 में हुई थी. अभी उनती तैनाती एसीपी गोकलपुरी के दफ्तर में थी. रतनलाल बुराड़ी में अमृत विहार में गली नंबर 8 में अपने परिवार के साथ रहते थे. जहां उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं. पत्नी का नाम पूनम और 13 और 10 साल की दो बेटियां सिद्धि और कनक और 5 साल का बेटा राम है.

बुखार होने के बावजूद ड्यूटी पर थे रतनपाल

सोमवार को जब रतनलाल गोकुल पुरी में ड्यूटी पर थे. तब पत्नी का फोन आया था, हालचाल जानने के लिए क्योंकि बुखार होने के बावजूद रतनलाल ड्यूटी पर गए थे. पत्नी पूनम को टीवी पर न्यूज़ से पता चला था कि उनके पति के साथ अनहोनी हो गई है. कई बार फोन किया, लेकिन फोन उठा ही नहीं क्योंकि फोन उठाने वाला तो इस दुनिया को ही छोड़ चुका था.

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सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर दिल्ली में भड़की हिंसा की आग शांत होने का नाम नहीं ले रही है. जाफराबाद और बाबरपुर इलाके में बार-बार फिर पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं हैं. लेकिन जो ये चार तस्वीरें आपको दिखाई हैं, उससे काफी हद तक मजहबी दंगाईयों की सच्चाई सामने आ जाएगी. सोशल मीडिया पर ये तस्वीर खूब वायरल हो रही है, हालांकि ज़ी मीडिया इन तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है.

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