क्या कोरोना वायरस की तरह फैलेगा मंकीपॉक्स? जानिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी जरूरी

60 देशों में मंकीपॉक्स फैल चुका है, दुनियाभर में 6000 से ज्यादा मामले आ चुके हैं. भारत में भी पहला केस आने के बाद लोगों में खौफ पसरा हुआ है कि क्या ये भी कोरोना की तरह विस्फोट होगा? जानें क्या-क्या सावधानियां बरतनी जरूरी है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 15, 2022, 09:36 PM IST
  • 60 देशों में फैल रहा है मंकीपॉक्स
  • दुनिया भर में 6000 से ज्यादा मामले
क्या कोरोना वायरस की तरह फैलेगा मंकीपॉक्स? जानिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी जरूरी

नई दिल्ली: दुनियाभर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, 60 से अधिक देशों में इसके कुल 6 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. पिछले 50 से 60 वर्षों में यह मंकीपॉक्स (Monkey Pox) का सबसे बड़ा आउटब्रेक माना जा रहा है.

क्या कोरोना की तरह फैलेगी ये बीमारी?

मंकीपॉक्स आने के बाद से हर किसी के मन में यह डर है कहीं यह भी कोरोनावायरस की तरह फैल तो नहीं जाएगा. छोटे बच्चों और कम उम्र के युवाओं में मंकीपॉक्स के फैलने का खतरा ज्यादा है, ऐसे लोग जिन्हें कभी small pox के लिए वैक्सीन लग चुकी है या फिर उन्हें जीवन में कभी स्मॉलपॉक्स हो चुका है.

उन्हें मंकीपॉक्स होने का खतरा कम माना जा रहा है. हालांकि  AIIMS के मेडिसन एक्सपर्ट डॉक्टर पीयूष रंजन के मुताबिक 1975 आते-आते भारत में स्मॉल पॉक्स लगभग खत्म हो चुका था, इसीलिए इस वक्त भारतीयों में पुरानी इम्यूनिटी कितनी होगी यह कहना मुश्किल है.

इस बीमारी में तेज बुखार आ सकता है

मंकीपॉक्स स्मालपॉक्स की तरह और चेचक की ही तरह की कैटेगरी की बीमारी है. इस बीमारी में तेज बुखार आ सकता है चेहरे और हाथों पर पानी वाले दाने निकल सकते हैं. चिंता की बात यह है कि मंकीपॉक्स में दाने आंखों में और मुंह के अंदर भी निकलते हैं. आंखों में इस बीमारी की वजह से रोशनी पर भी असर पड़ सकता है.

हालांकि यह बीमारी कोरोना की तरह उतनी तेजी से नहीं फैलती है, यह बीमारी संक्रमित जानवर से इंसानों में फैलती है और उसके बाद संक्रमित इंसान से उसकी त्वचा के या Fluids के संपर्क में आने से फैल सकती है.

21 दिन के आइसोलेशन से मिलेगा निजात

फिलहाल इस बीमारी की कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है, लेकिन 21 दिन के आइसोलेशन से इंसान इस बीमारी से निजात पा सकता है.

सरकार ने देश में 15 लैब मंकीपॉक्स की जांच के लिए तैयार कर ली है हालांकी कोशिश की जा रही है भारत में इस बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके. कोरोनावायरस की जांच वाले आरटी पीसीआर टेस्ट से ही मंकीपॉक्स का भी पता लगाया जा सकता है.

भारत में मंकीपॉक्स का पहला मामला गुरुवार को दर्ज हो गया है यह मामला केरल से दर्ज हुआ है। 35 वर्ष के एक व्यक्ति में मंकीपॉक्स की पुष्टि हो गई है. केरल की राज्य सरकार के मुताबिक यह व्यक्ति हाल ही में विदेश यात्रा करके आया है. इसके बाद से केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है.

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