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Bulldozers Action in Chhatarpur: मध्य प्रदेश के छतरपुर में थाने पर पथराव हुआ था. जिसमें पुलिस ने 45 लोगों को आरोपी बनाया है और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. वहीं, मोहम्मद शहजाद हाजी अली को मुख्य मुल्जिम बनाया गया. जिसके बाद हाजी अली के आलीशान मकान को बुलडोजर से ढहा दिया गया है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. ज्यादातर आरोपी शहर छोड़कर भाग गए हैं.
हाजी अली को गिरफ्तारी के लिए हो रही छापेमारी
पुलिस हाजी अली और दूसरे मुल्जिमों की गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है. कई आरोपियों को सर्विलांस पर रखा गया है. ज्यादातर लोगों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं. पुलिस स्थानीय खुफिया एजेंसियों की भी मदद ले रही है.
सीएम ने दिया था आदेश
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लिया और डीजीपी से सख्त कार्रवाई करने को कहा. सीएम ने पर एक्स पर लिखा, "मध्य प्रदेश 'शांति का प्रदेश' है, कोई भी योजनाबद्ध तरीके से कानून को हाथ में लेगा, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मैंने सीनियर पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं न हो. हमारी प्राथमिकता प्रदेश में शांति और सद्भाव बनाए रखना है."
21 अगस्त को इकट्ठा हुए थे लोग
गौरतलब है कि 21 अगस्त छतरपुर में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने थाने पर पथराव किया. घटना में प्रभारी अरविंद कुजूर समेत तीन कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पैगंबर मोहम्मद साहब पर महाराष्ट्र के महंत रामगिरी महाराज द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से आहत बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे थे. वे रामगिरी महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहते थे. इस दौरान नारेबाजी शुरू हो गई और गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया. बड़ी मुश्किल से भीड़ को तितर-बितर किया गया और पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया.