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Iran Israel: इजरायल ने कहा है कि उसने ईरान में सैन्य ठिकानों पर सुबह से पहले कई हवाई हमले किए हैं. ये हमले ईरान की तरफ से हाल के महीनों में किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने दावा किया है कि उसने इस हमले का कामयाबी के साथ काउंटर किया है. शनिवार सुबह इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक बयान में कहा कि उसने ईरान के कई इलाकों में "सटीक और निशाने पर" हवाई हमले किए, जिनमें मिसाइल निर्माण संयंत्र, सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम और अन्य सैन्य ठिकाने शामिल हैं.
ईरान ने किया काऊंटर
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये बयान IDF की तरफ से अभियान की शुरुआत के लगभग साढ़े तीन घंटे बाद आया है. इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी न्यूज ने कहा कि एफ-35, एफ-16 और एफ-15 सहित दर्जनों जेट विमानों ने ईरान में 20 सैन्य ठिकानों पर हमला किया. ईरानी के चश्मदीदों ने बताया कि शनिवार सुबह देश की राजधानी तेहरान के आसपास तेज धमाकों की आवाज सुनी गई. इसके तुरंत बाद, ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान की हवाई सुरक्षा ने इजरायल के हमले को काउंटर किया.
ईरान में सीमित नुक्सान
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट किया कि ईरान के हवाई सुरक्षा मुख्यालय ने हमले का जवाब देते हुए "सीमित नुकसान" की स्थिति में इजरायल के हमले को नाकाम कर दिया. इसमें कहा गया है कि ईरान की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने इस हमले को रोका और कुछ क्षेत्रों में सीमित नुकसान हुआ. घटना की जांच जारी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इजरायली सेना ने तेहरान, खुज़ेस्तान और इलाम प्रांतों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने पहले ही इजरायल को चेतावनी दी थी कि वह देश पर हमला न करे. इजरायली हमलों के बाद ईरानी सेना ने कहा कि दो ईरानी सैनिक मारे गए हैं.
इजरायल पर भड़के मुस्लिम देश
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इ़जरायल ने ईरान पर तड़के की गई हवाई हमले की कार्रवाई को बढ़ा-चढ़ा कर बताया है. सूत्र के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरान हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. इसी बीच कई देशों ने ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "इजरायल का ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है." सऊदी अरब ने भी कहा है यह हमला क्षेत्र के देशों और लोगों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा है. इराक ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की और ईरान के साथ एकजुटता व्यक्त की.