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Zakir Naik Statement on Beef Ban: इस्लामिक प्रीचर डॉक्टर जाकिर नाइक करीब एक महीने की यात्रा पर पाकिस्तान पहुंच गए हैं. जहां बुधवार को उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की. मुलाकात की तस्वीर खुद जाकिर नाइक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है, जिसमें दोनों के चेहरे पर मुस्कुराहट दिख रही है. जाकिर नाइक सोमवार को ही पाकिस्तान पहुंचे हैं, जहां उनका पाकिस्तान की सरकार ने जोरदार इस्तकबाल किया. इतना ही नहीं उसे जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है. उनकी सुरक्षा में पाकिस्तानी रेंजर्स की कई टीमें तैनात की गईं हैं.
जाकिर नाइक 28 अक्टूबर तक पाकिस्तान में ही रहेंगे, जहां वे करांची, इस्लामाबाद और लाहौर खिताब करेंगे. इस बीच, पाकिस्तान में जाकिर ने भारत में बीफ को लेकर जारी बहस पर भी अपनी बात रखी थी. पाकिस्तान में दिए जाकिर नाइक के इस बयान ने भारत में हलचल तेज कर दी है. जाकिर के इस बयान को लेकर मशहूर मौलाना तौकीर रजा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
मुसलमान बीफ खाना पसंद नहीं करते; मौलाना तौकीर रजा
दूसरी तरफ, जाकिर नाइक के बीफ को लेकर दिए बयान पर मौलाना तौकीर रजा ने भी बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मुसलमान गाय की गोश्त खाना पसंद नहीं करते हैं. उन्होंने एक इवरव्यू में कहा कि जहां तक गाय की गोश्त का सवाल है, मैंने कैंपेन चलाया है. लेकिन इसके बावजूद हम पर गाय का मांस खाने का आरोप लगाया जाता है.
जबकि सच्चाई यह है कि मुसलमान गाय की गोश्त खाना पसंद नहीं करते हैं, क्योंकि पैगंबर ने हदीस में साफ तौर पर कहा है कि गाय का मांस बीमारी फैलाता है और गाय का दूध शिफा करता है. कोई भी मुसलमान गाय की गोश्त नहीं खाता है और मैंने इस पर लगातार कई प्रोग्राम भी किए हैं. इसके अलावा मैं कहता हूं कि जिन लोगों पर मुल्क में अमन-चैन बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही लोग झूठ फैलाकर और मुसलमानों पर झूठे इल्जाम लगाकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं.
बीफ के कारोबारी गैर-मुस्लिम; तौकीर रजा
उन्होंने आगे कहा कि अगर ईमानदारी से जांच की जाए तो जो लोग गाय की गोश्त का कारोबार करते हैं, उनमें आप पाएंगे कि बहुत से लोग गैर मुस्लिम हैं. कोई मुसलमान नहीं है. मुसलमान गाय की गोश्त को अपना कारोबार नहीं बनाते हैं. यह जो भी है, यह मुसलमानों और उन लोगों पर झूठा इल्जाम है जो यह तर्क देते हैं कि हम इसे नहीं खाते और इसे नहीं खाना चाहिए.
जाकिर नाइक ने क्या कहा था?
जाकिर नाइक ने कहा था " इसल्मा में गोमांस खाना फर्ज (धार्मिक संस्कार) नहीं है. ऐसी स्थिति में अगर गोमांस के विरोध में कानून लाया जाता है, तो मुसलमानों को उसका सम्मान करना चाहिए। इस्लामिक शरीयत भी यही हिदायत देती है कि आप जिस मुल्क में रहते हैं, वहां के कानून का पालन करें, जब तक वो कानून अल्लाह के खिलाफ ना हो. मिसाल के तौर पर अगर किसी मुल्क में यह कानून लागू किया जाता है कि आप नमाज अता नहीं कर सकते हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको उस कानून का पालन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस्लाम में नमाज पढ़ना फर्ज है. लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि इस्लाम में गोमांस खाना फर्ज नहीं है, तो ऐसे में अगर कोई कानून इसके विरोध में आता है, तो आप उसका पालन कीजिए। इसमें कोई हर्ज नहीं है."