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नई दिल्ली: मुल्क भर में जारी कोरोना बोहरान के साथ एक और नाम इससे जुड़ गया है, और वह हैं 'ब्लैक फंगस' यानी 'म्यूकोरमाइकोसिस'. मुल्क में ब्लैक फंगस के मामलों में भी लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है. साथ में सोशल मीडिया पर इस मर्ज़ से जुड़ी जानकारी और दावे भी शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें कई बातें गुमराह कुन और गलत हैं. हालिया दिनों सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ब्लैक फंगस चिकन फार्म की वजह से फैल रहा है.
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इस दावे साथ शेयर किया जा रहा है कि पंजाब हुकूमत ने पॉलट्री फॉर्म को इंफेक्टेड इलाका करार दे दिया है. क्योंकि पॉलट्री की वजह से ब्लैक फंगस फैल रहा है. इसके बाद पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इसकी पड़ताल की और इस पोस्ट की सच्चाई के बारे में पता लगाया. तो आइए अब जानते हैं कि सोशल मीडिया पर जो ये जानकारी शेयर की जा रही है, इसकी सच्चाई क्या है?
ये सच्चाई आई सामने
जब पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही इस जानकारी की पड़ताल की तो पाया गया कि ये गलत है. पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए बताया कि इस दावे के हक में 'कि चिकन की वजह से ब्लैक फंगल फैल रहा है' कोई साइंसी सबूत नहीं मिला.
A post claiming that #BlackFungus can spread through farm chickens is in circulation on social media#PIBFactcheck: This claim is #FAKE
There is NO scientific evidence that the infection can spread from chickens to humans
Know more about Black Fungus: https://t.co/3cpKggwIDP pic.twitter.com/mLPq2gscxp
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 1, 2021
पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने बताया कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला हैं जिसकी बुनियाद पर ये कहा जाए कि मुर्गीयों की वजह से ब्लैक फंगस इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है.
फिर कैसे फैल सकता है फंगल का इंफेक्शन
डॉक्टर बताते हैं कि ब्लैक फंगस भोजन, चिकन या घर की किसी सतह के छूने से नहीं फैलता है. म्यूकोरमाइकोसिस का इंफेक्शन खास तौर से उन लोगों को मुतासिर करता है जो पहले से ही संगीन कोमोरबिडीटीज से मुतासिर हैं या रेगुलर तौर पर इम्यूनो सप्रेसिव दवाओं का इस्तेामल करते हैं. म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन की वहज से होने वाली शरहे अमवात 50 फीसदी से ज्यादा है, इसलिए लोगों को खास तौर पर एहतियात बरतने की ज़रूरत है.
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