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Delhi AQI: दिवाली के मौके पर दिल्ली का प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है और बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स के “बहुत खराब” कैटेगरी में वापस आ गया. यह तब है जब दिल्ली में पटाखों को बैन किया हुआ है और अभी दिवाली का मुख्य दिन नहीं था. सुबह दिल्ली वासियों को शहर के ऊपर धुंध की एक पतली चादर छाई दिखाई दी.
इसके बाद दिवाली के बाद हालात और खराब होने की संभावना बनी हुई है. पटाखों के इस्तेमाल से दिल्ली में इमरजेंसी के हालात बन सकते हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 4 बजे AQI बढ़कर 307 हो गया, जबकि पिछले दिन इसी समय यह 268 (खराब) था. सतही हवाएं बमुश्किल ही चल रही थीं, जबकि उत्तर-पश्चिम से लंबी दूरी की परिवहन हवाएं एक बार फिर बहने लगीं, जो अपने साथ पंजाब में खेतों में लगी आग से निकलने वाले खतरनाक धुएं को भी साथ लेकर आ रही थीं. रात 11 बजे तक AQI और खराब होकर 317 हो गया.
इस साल हालात हो सकते हैं बदतर
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये हवाएं, पटाखों पर लगे प्रतिबंध के उल्लंघन के साथ मिलकर, दिल्ली को इस सीजन में पहली बार “गंभीर” हवा का सामना करा सकती हैं, क्योंकि राजधानी 2020 के बाद से यह अक्टूबर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा है.
दरअसल, पटाखों पर प्रतिबंध के उल्लंघन के शुरुआती संकेत बुधवार शाम को ही मिल गए थे, जब राजधानी में विस्फोटकों की आवाजें सुनी जा सकती थीं. आमतौर पर देश की राजधानी का सर्दियों में एक्यूआई सीवियर हो जाता है. अक्टूबर 2024 में यह सबसे ज्यादा 364 नोट किया गया था.
केंद्र की दिल्ली के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) ने बुधवार को अपने पूर्वानुमान में कहा, "दिल्ली की वायु गुणवत्ता 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है. पटाखों और पराली/कचरे की आग से अतिरिक्त उत्सर्जन की स्थिति में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकती है."