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Zee SalaamIsrael Hamas WarGaza War: कुत्ते छोड़ना, करंट लगाना और पानी में डिबोना, ऐसे फिलिस्तीनी कैदियों को किया जा रहा टॉर्चर

Gaza War: कुत्ते छोड़ना, करंट लगाना और पानी में डिबोना, ऐसे फिलिस्तीनी कैदियों को किया जा रहा टॉर्चर

Israel Gaza War: इज़राइल और गाज़ा में जंग जारी है और इस सब के बीच इजराइल में बंद फिलिस्तीनी कैदियों की डिटेल सामने आई है. यूएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्हें कैसे टॉर्चर किया जा रहा है.

Gaza War: कुत्ते छोड़ना, करंट लगाना और पानी में डिबोना, ऐसे फिलिस्तीनी कैदियों को किया जा रहा टॉर्चर

Israel Gaza War: इजराइल और गाजा के बीच जंग जारी है और बात हो रही है तो इजराइली कैदियों की जिन्हें हमास ने बंधक बनाया हुआ है. लेकिन, उन कैदियों पर कोई नजर नहीं दिख रही है, जिन्हें इजाइल की तरफ से बंधक बनाया गया है. अब इस मामले में यूएन की एक रिपोर्ट सामने आई है. 

रिपोर्ट में क्या कहा गया है?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की जिसमें कहा गया है कि 7 अक्टूबर के हमलों के बाद से इजरायली अधिकारियों द्वारा पकड़े गए फिलिस्तीनी बंदियों को पानी में डुबोया जा रहा है, उन्हें नींद से वंचित रखा जा रहा है, बिजली के झटके दिए जा रहे हैं और अन्य प्रकार की यातनाएं और दुर्व्यवहार किया जा रहा है.

9,400 से ज्यादा कैदी

कैदियों पर रिपोर्ट में कहा गया है कि जून के आखिर तक इजरायल के पास 9,400 से ज्यादा बंधक थे, और उनमें से कुछ को वकीलों की पहुंच या उनके कानूनी अधिकारों के सम्मान के बिना गुप्त रूप से रखा गया था. पूर्व बंदियों और दूसरे सोर्स से इंटरव्यू के आधार पर रिपोर्ट के सारांश में बंदियों की “चौंका देने वाली” संख्या की निंदा की गई है - जिसमें पुरुष, महिलाएं, बच्चे, पत्रकार और मानवाधिकार रक्षक शामिल हैं.

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कैदियों पर छोड़े जाते हैं कुत्ते

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने एक बयान में कहा, "मेरे ऑफिस और अन्य संस्थाओं के जरिए इकट्ठा किए गए सबूतों से कई भयावह कामों का संकेत मिलता है, जैसे कि जल-बोर्डिंग और बंदियों पर कुत्तों को छोड़ना, जो अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का घोर उल्लंघन है."

इस रिपोर्ट के निष्कर्ष, जो अपनी तरह की सबसे व्यापक रिपोर्टों में से एक है, का इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के अभियोजकों के जरिए किया जा सकता है, जो 7 अक्टूबर के हमलों और उसके बाद के अपराधों के संबंध में किए गए अपराधों की जांच कर रहे हैं, जिसमें गाजा में चल रहा इजरायल का भीषण सैन्य अभियान भी शामिल है.

रिपोर्ट के लेखकों ने कहा कि इसक कंटेंट इजरायल सरकार के साथ साझा किया गया है. एसोसिएटेड प्रेस ने टिप्पणी के लिए इजरायली राजनयिक मिशन से संपर्क किया है. बता दें गाजा में अभी कर 39 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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