यूपी में 10-15 लोगों ने घर में घुसकर पत्रकार को जिंदा जलाया, साथी की भी झुलस कर मौत

बताया जा रहा है कि आग लगने से कमरे की दीवारें भी गिर गई थीं. दीवारें गिरने के बाद आसपास के लोगों को वारदात की जानकारी हुई. लोगों ने मकान में आग की लपटें देखीं. 

यूपी में 10-15 लोगों ने घर में घुसकर पत्रकार को जिंदा जलाया, साथी की भी झुलस कर मौत

बलरामपुर: बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात इलाके के कलवारी गांव के एक घर में जुमा को मुश्तबा (संदिग्ध) हालात में आग लगने से पत्रकार राकेश सिंह और उसके एक साथी पिन्टू साहू की झुलस कर मौत हो गई. पत्रकार के परिवार वालों ने कत्ल का खदशा जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की है. वहीं पत्रकार ने भी अस्पताल में मौत से पहले दिए गए बयान में दबंगों पर जलाने का इल्ज़ाम लगाया है. 

आग की लपटों में घिरा था मकान, गिर गई थी दीवारें
बताया जा रहा है कि आग लगने से कमरे की दीवारें भी गिर गई थीं. दीवारें गिरने के बाद आसपास के लोगों को वारदात की जानकारी हुई. लोगों ने मकान में आग की लपटें देखीं. मौके पर पिंटू का शरीर पूरी तरह जल चुका था. राकेश भी आग की लपटों में पूरी तरह घिरे हुए थे. राकेश का बदन करीब 90 फीसद झुलस चुका था. लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. 

10-15 लोगों ने दिया घटना को अंजाम 
खबर मिलने के बाद जाएवारदात पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंसकर्मियों की मदद से राकेश को जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने राकेश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया, जहां सिविल हॉस्पिटल में उन्होंने दम तोड़ दिया. मरने से पहले पूछताछ के दौरान दर्द से तड़पते हुए राकेश ने बताया कि 10 से 15 लोग उनके घर में घुस आए थे और उन्होंने ही वारदात को अंजाम दिया है. 

3 आरोपी हिरासत में  
पुलिस सुपरिटेंडेंट (एसपी) बलरामपुर देवरंजन ने बताया कि कलवारी गांव के रहने वाले पत्रकार राकेश सिंह निडर और उनके साथी पिंटू साहू की कमरे में जलने से मौत हो गई. वारदात मुश्तबा है. पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पत्रकार राकेश सिंह अखबार के साथ-साथ आज़ाद पत्रकारिता भी करते थे. तहरीर के बुनियाद पर तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. इन तीनों लोगों में एक मौजूदा और एक साबिक प्रधान शामिल हैं. जल्दी ही वारदात के वुजूहात का खुलासा कर दिया जाएगा. 

पुलिस नहीं दे रही पूरी जानकारी 
वहीं मृतक राकेश सिंह की पत्नी विभा सिंह ने कहा कि वारदात के वक्त वो अपनी दो बेटियों के साथ अपने रिश्तेदार के घर गई हुई थीं. हालांकि उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि राकेश को ट्रामा सेंटर (लखनऊ) ले जाने के दौरान उन्हें सूचना नहीं दी. उन्हें इंतेकाल के बाद रात के दो बजे सूचना दी गई.

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