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Sant on Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर कई मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं. वह अक्सर मुस्लिम मुसद्दों पर तत्परता से बयान देते हैं. उनके बयान अक्सर मीडिया की सुर्खी होते हैं. हैदराबाद के सांसद ने साल 2012 में एक बयान दिया था. यह बयान भी मीडिया में सुर्खी बना था. उनकी इस बयान पर अब साधू संतों ने जवाब दिया है. उवैसी के '15 मिनट' वाले बयान पर हरिद्वार के साधु संतों ने कहा है कि अगर ओवैसी किसी गलतफहमी में हैं, तो उनकी गलतफहमी दूर कर देते हैं. साधू संतों ने कहा कि वह '15 मिनट' का जिक्र कर रहे हैं, हमें सिर्फ 5 मिनट ही चाहिए और हमें पूरे इलाके की पुलिस नहीं बल्कि सिर्फ ओवैसी के साथ जो पुलिस रहती है, उसे ही 5 मिनट के लिए हटा दें. अगर हमने ओवैसी को 'उमाकांत' नहीं बना दिया तो हम भी साधु संत नहीं.
ओवैसी के बयान पर पलटवार
हरिद्वार पहुंचे कई सेवा प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप ने असदुद्दीन ओवैसी के '15 मिनट' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बार-बार जब भी मौका मिलता है, ओवैसी '15 मिनट' के बयान का जिक्र करता है. जिससे भारत की पुलिस ही नहीं बल्कि, हिंदुस्तान के लोगों का भी मखौल उड़ता है. हमें अब '15 मिनट' नहीं सिर्फ 5 मिनट ही चाहिए और ओवैसी को इसका जवाब हम अच्छे ढंग से दे सकते हैं.
टोपी वाले मिलकर कुछ नहीं कर पाएंगे
वही हरिद्वार पहुंचे संत गोविंदानंद ने ओवैसी के बयान को एक राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि यह जो 15 मिनट का भी अपने बयान और स्पीच में जिक्र कर रहे हैं. यह पूरा बयान वह पहले भी दे चुके हैं. अगर उन्हें कोई गलतफहमी है, तो उन्हें यह जान लेना चाहिए कि यदि सभी हिंदू संगठन जमा हो गए, तो यह वक्फ बोर्ड और जो भी इनके बोर्ड इत्यादि हैं, यह सब टोपी वाले मिलकर भी कुछ नहीं कर पाएंगे.