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Dollar vs Rupee: डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार गिर रही है. एक डॉलर की कीमत अब 80 रुपये हो चुकी है. ये रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है. आज रुपए में सात पैसे की गिरावट दर्द की गई, जबकि इससे पहले सोमवार को 16 पैसों की गिरवाट दर्ज की गई थी. अब ये सवाल पैदा होता है कि डॉलर के मुकाबले रुपए के गिरने का क्या मतलब है और अमेरिकी डॉरल के मजबूत होने की क्या वजहें हैं.
डॉलर के मुकाबले बाकी देशों की करेंसी की भी कीमत गिरी
वहीं ये खबर हमारे लिए राहत भरी है कि अगर हम दुनिया के टॉप अर्थव्यवस्था वाले देशों से तुलना करेंगे तो देखेंगे कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत उतनी नहीं गिरी है जितनी बाकी देशों की गिरी है. साल 2022 के पहले 6 महीने में ही यूरो की कीमत डॉलर के मुकाबले 11 फीसदी, येन की कीमत 19 फीसदी और पाउंड की कीमत 13 फीसदी गिरी है. वहीं अगर भारत की करेंसी पर नजर डाले तो डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी में सिर्फ 6 फसदी गिरावट दर्ज की गई है.
डॉलर क्यों मजबूत हो रहा है?
दरअसल रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया. इस जंग के कारण डिमांड-सप्लाई की चेन पूरी तरह से बिगड़ कर रह गई है. इसका ये असर हुआ कि निवेशकों ने डर की वजह से दुनियाभर के बाज़ारों से पैसा निकाला और सुरक्षित जगहों पर निवेश किया. इस कड़ी में अमेरिकी निवेशकों ने भारत, यूरोप और दुनिया के बाकी हिस्सों से पैसा वापस निकाला.
इसके अलावा ये कि अमेरिका ने महंगाई पर काबू पाने के लिए तारीखी तौर पर ब्याज दर में इजाफा कर दिया है, जिसकी वजह से अमेरीकी निवशक अब अपने मुल्क में ही निवेश कर रहे हैं. इसके कारण डॉलर की कीमत में भी इज़फ़ा हो रहा है.
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