बाइडेन के परिवार की दुखभरी दास्तां: खुदकुशी जैसा कदम भी उन्हें लगता था बहुत आसान

साल 1972 में बाइडेन ने अमेरिकी सीनेट में अपनी जगह बनाई थी. उस वक्त वो 5वें सबसे कम उम्र के सीनेट थे लेकिन इसी साल उनके साथ एक भयानक हादसा भी पेश आया.

बाइडेन के परिवार की दुखभरी दास्तां: खुदकुशी जैसा कदम भी उन्हें लगता था बहुत आसान
फाइल फोटो

नई दिल्ली: अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को चुनावों में शिकस्त दे दी है. जो बाइडेन अब अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर हलफ लेंगे. 77 साल के बाइडेन को स्लीपी जो भी बुलाते हैं और कहा जाता है कि उनके हाथों में सत्ता सौंपना अमेरिका के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. 

जानकारी के मुताबिक जो बाइडन का 50 सालों का सपना था कि वो अमेरिका के राष्ट्रपति बनें. 20 नवंबर 1942 को पेनसिल्वेनिया के स्क्रैटन में पैदा हुए जो बाइडेन ने अपने संस्मरण (यादें) 'प्रॉमिसेज टू कीप' में लिाखा है कि उन्हें सियासत की तालीम अपने दादा से मिली है. 

साल 1972 में बाइडेन ने अमेरिकी सीनेट में अपनी जगह बनाई थी. उस वक्त वो 5वें सबसे कम उम्र के सीनेट थे लेकिन इसी साल उनके साथ एक भयानक हादसा भी पेश आया. उनकी पत्नि और नवाजात बेटी नाओमी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. इस हादसे में उनके बेटे ब्यू और हंटर भी बुरी तरह से ज़ख्मी हो गए थे. 

ये वो वक्त था जब वाइडेन अपने सारे अज़ायम (महत्वकाक्षाओं) को खो चुके थे. उन्होंने यह भी कहा था कि मैं उस वक्त ये समझता था कि कैसे कोई खुदकुशी करने का फैसला करता होगा लेकिन बाइडेन दोबारा उठकर खड़े हुए और अपने बच्चों को मां-बाप दोनों का प्यार देते हुए सीनेट की ज़िम्मेदारी भी निभाई. 

उनकी मुश्किलें यहीं नहीं खत्म हुईं. साल 1988 में उन्हें दो बार जानलेवा दौरे भी पड़े और उनके चेहरे की मांस पेशियों में लकवा मार गया था. साल 2015 में उनके बेटे ब्यू की कैंसर से मौत हो गई. वहीं उनका एक और बेटा हंटर ड्रग्स की लत का शिकार हो गया था. हंटर को यूएस नेवी से कोकीन का इस्तेमाल करने के चलते निकाल दिया गया था.

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